जनवरी में 9 लाख लोगों को मिला रोजगार, EPFO की रिपोर्ट में खुलासा

EPFO की रिपोर्ट के मुताबिक बीते 17 महीने में कुल 76 लाख लोगों को रोजगार मिला है.वहीं जनवरी में करीब 9 लाख लोगों को रोजगार मिला है.

Advertisement
17 महीने में 76 लाख लोगों को मिली नौकरी 17 महीने में 76 लाख लोगों को मिली नौकरी

aajtak.in

  • नई दिल्‍ली,
  • 25 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 9:50 AM IST

संगठित क्षेत्र में शुद्ध रूप से जनवरी महीने में कुल 8.96 लाख लोगों को रोजगार मिला है. यह 17 महीने का उच्च स्तर है. वहीं कुल 17 महीनों में करीब 76 लाख लोगों को रोजगार मिला है.  EPFO के कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या और उन्हें दिये जाने वाले वेतन के आंकड़े से यह जानकारी मिली है. EPFO आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी के दौरान 2.44 लाख रोजगार 22 से 25 साल के आयु वर्ग में सृजित हुए.उसके बाद 18 से 21 साल के आयु वर्ग में 2.24 लाख रोजगार सृजित हुए.

Advertisement

बीते साल से 131 फीसदी अधिक

जनवरी में जो नये रोजगार सृजित हुए वह एक साल पहले इसी महीने की तुलना में 131 फीसदी अधिक हैं. पिछले साल इसी महीने में ईपीएफओ अंशधारकों की संख्या 3.87 लाख बढ़ी थी. आंकड़ों के मुताबिक ईपीएफओ की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सितंबर, 2017 से जनवरी 2019 के दौरान करीब 76.48 लाख नये अंशधारक जुड़े. यह बताता है कि पिछले 17 महीनों में संगठित क्षेत्र में कई रोजगार सृजित हुए. हालांकि ईपीएफओ ने यह भी कहा कि आंकड़े अस्थायी हैं क्योंकि कर्मचारियों का रिकॉर्ड है और जरूरत के मुताबिक उसे आने वाले महीनों में संशोधन किया जाएगा.

ईपीएफओ के मुताबिक जुड़ने वाले अंशधारकों की संख्या जनवरी 2019 में 8,96,516 रही जो सितंबर, 2017 के बाद सर्वाधिक है.  इस बीच, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने दिसंबर, 2018 के आंकड़ों को संशोधित किया है. आंकड़े के अनुसार पिछले साल दिसंबर में 7.03 लाख रोजगार सृजित हुए जबकि पूर्व में इसके 7.16 लाख रोजगार सृजित होने की बात कही गयी थी.

Advertisement

ईपीएफओ ने सितंबर, 2017 से दिसंबर, 2018 की अवधि के दौरान बढ़े हुए आधार पर रोजगार के आंकड़े को भी संशोधित किया है. संशोधित आंकड़े के अनुसार इस दौरान 67.52 लाख रोजगार सृजित हुए जबकि पूर्व में इसके 72.32 लाख रहने का अनुमान जताया गया था. बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अप्रैल, 2018 से यह आंकड़े जारी कर रहा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »