Stock Market Rally: ये चार कारण... जिनसे शेयर बाजार अचानक बना रॉकेट, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

Stock Market Surge: शेयर मार्केट में बुधवार को बंपर तेजी देखने को मिली है. बीएसई का सेंसेक्स खुलने के कुछ देर बाद ही 2900 अंक की छलांग लगा गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी भी 800 अंक चढ़कर कारोबार करता नजर आया.

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अचानक बाजार में जोरदार तेजी. (Photo: Getty) अचानक बाजार में जोरदार तेजी. (Photo: Getty)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 08 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST

शेयर मार्केट में सप्ताह के तीसरे कारोबारी दिन बमबम (Stock Market Surge) नजर आया है. दोनों मार्केट इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए और कारोबार आगे बढ़ने के साथ इनकी तेज रफ्तार भी बनी हुई है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां 2900 अंक के आसपास चढ़कर ट्रेड कर रहा है, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी 800 अंक की बढ़त बनाए हुए है. शुरुआती तेजी के साथ ही बीएसई का मार्केट कैपिटल (BSE MCap) एक झटके में 18 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा उछल गया. 

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सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की तरह भागे
Sensex अपने पिछले बंद 74,616.58 की तुलना में खुलने के साथ ही 77,290 के लेवल पर पहुंचा. फिर कुछ देर के कारोबार के बाद ही इसकी रफ्तार और भी तेज हो गई और ये 2900 अंक से ज्यादा उछलकर 77,558 के लेवल पर जा पहुंचा. निफ्टी इंडेक्स भी अपने पिछले बंद 23,123.65 की तुलना में तेज उछाल के साथ 23,855 पर ओपन हुआ और फिर 800 अंक की तेजी के साथ 23,961 के लेवल ट्रेड करने लगा. शेयर मार्केट में इस तेजी के तमाम बड़े कारण देखने को मिले हैं.

पहला कारण: US-Iran में सीजफायर 
अमेरिका और ईरान के बीच महीनेभर से ज्यादा समय से जारी युद्ध की टेंशन अब खत्म होती नजर आ रही है. दोनों देश दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हुए हैं. इससे शेयर बाजार निवेशकों के सेंटीमेंट पर पॉजिटिव असर पड़ा है और ग्लोबल टेंशन कम होने की उम्मीद में बाजार ने छलांग लगा दी है. 

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दूसरा कारण: क्रूड ऑयल की कीमतें क्रैश 
बाजार में धुआंधार तेजी का अगला कारण भी अमेरिका-ईरान सीजफायर से ही जुड़ा हुआ है. दरअसल, इस खबर के आते ही लगातार छलांग लगा रहा क्रूड ऑयल का भाव क्रैश हो गया. Brent Crude Price में 13 फीसदी से ज्यागा की गिरावट देखने को मिली और ये 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गया. तो वहीं WTI Crude भी गिरते हुए इसी स्तर पर ट्रेड करता नजर आया. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई कम होने की उम्मीद ने बाजार को सपोर्ट किया है. 

तीसरा कारण: रुपया में तेज उछाल 
US-Iran सीजफायर के फैसले का सीधा असर भारतीय करेंसी पर भी देखने को मिला है, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार टूट रही थी और गिरने का हर रोज रिकॉर्ड बनाती हुई नजर आई थी. बुधवार को करेंसी मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Indian Rupee डॉलर के मुकाबले 50 पैसे मजबूत होकर 92.56 पर पहुंच गया.

चौथा कारण: ग्लोबल मार्केट में बंपर तेजी
विदेशी बाजारों में आने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है और अमेरिका-ईरान सीजफायर की खबर से अमेरिका ही नहीं, बल्कि तमाम एशियाई बाजारों में बुधवार को खुलने के साथ ही बंपर तेजी नजर आई थी. Gift Nifty भी शुरुआती कारोबार में ही 800 अंक के आसपास उछलकर कारोबार कर रहा था और ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव सिग्नल का असर सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी के रूप में देखने को मिला है. 

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(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

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