मिडिल ईस्ट युद्ध (Middle East War) का खौफ एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. दो हफ्ते के सीजफायर के ऐलान के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों ने राहत की सांस ली थी और एशियाई मार्केट्स से लेकर भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिली थी. लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक फिर ग्लोबल टेंशन हाई पर पहुंच गई है.
US-Iran Talks Fail होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप का रुख फिर बदल गया है और उनकी धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया है. कुछ अमेरिकी रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा गया है कि ट्रंप ईरान पर भीषण बमबारी का आदेश दे सकते हैं. इस सबके बीच सोमवार को खुलने के साथ ही एशियाई शेयर बाजार क्रैश (Asian Stock Market Crash) नजर आए हैं. जापान, साउथ कोरिया से लेकर हांगकांग तक के इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड कर रहे हैं, तो गिफ्ट निफ्टी में भी तगड़ा गिरावट देखने को मिली है. ये भारतीय शेयर बाजार के लिए भी रेड सिग्नल दे रहे हैं.
अचानक हर ओर मची भगदड़
ग्लोबल स्टॉक मार्केट पर नजर डालें, तो सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में भगदड़ मची नजर आ रही है. Japan Nikkei 600 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर 56,287 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं Hongkong HangSeng करीब 400 अंक टूटकर 25,500 पर कारोबार करता दिखाई दिया. South Korea KOSPI इंडेक्स की बात करें, तो ये भी 1.50 फीसदी की गिरावट में था. अन्य एशियाई शेयर बाजारों में CAC, DAX, FTSE-100 भी गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे.
Gift Nifty में तगड़ी गिरावट
सप्ताह के पहले दिन गिफ्ट निफ्टी में भी तगड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. शुरुआती कारोबार में ही Gift Nifty करीब 300 अंक फिसल गया और 23,700 के आसपास ट्रेड करता नजर आया. ये इंडेक्स भारतीय शेयर बाजार के लिए संकेतक का काम करता है.
इसमें आई ये तेज गिरावट Indian Stock Market में बीते सप्ताह आई तूफानी तेजी पर ब्रेक का सिग्नल दे रही है. बता दें कि बीते शुक्रवार को बीएसई का सेंसेक्स (BSE Sensex) 918 अंक की तेजी लेकर 77,550 पर, जबकि एनएसई का निफ्टी (NSE Nifty) 275 अंक उछलकर 24,050 पर बंद हुआ था.
तेल की कीमतों में बढ़ाई बाजार की टेंशन
एशियाई बाजारों के गिरावट के साथ खुलने के पीछे सबसे अहम रोल कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Price) का माना जा सकता है, जो अमेरिका-ईरान में सीजफायर की खबर के बाद अचानक धड़ाम होकर 95 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए थे, लेकिन पाकिस्तान में शांति वार्ता फेल होने के बाद अचानक इनकी कीमतों में फिर से आग लग गई है और Brent Crude Price 7 फीसदी से ज्यादा उछलकर 103 डॉलर प्रति बैरल, तो WTI Crude Price 8 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि के साथ 104 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गए हैं.
ट्रंप का बड़ा एक्शन प्लान
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर ईरान को लेकर फिर से सख्त हो गए हैं. Pakistan में हुई US-Iran Talks विफल रहने के बाद अचानक उन्होंने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश दे दिया, तो वहीं वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट की मानें, तो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत विफल होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान के खिलाफ फिर से भीषण बमबारी ऑपरेशन शुरू करने पर विचार कर रहे हैं.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क