भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक और बैंक पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस बैंक पर छह महीने के पाबंदियां लगाई गई हैं, जिसके तहत कई शर्तें रखी गई हैं. रिजर्व बैंक ने प्रतिबंध बैंक की वित्तीय हालत को देखते हुए फैसला लिया है.
अब इसके तहत विड्रॉल लिमिट 1 लाख रुपये रखा गया है. इसका मतलब है कि सेविंग अकाउंट के तहत कोई भी 1 लाख रुपये तक ही निकाल सकता है. इससे ज्यादा निकासी की अनुमति नहीं दी गई है. हालांकि, लोन की ईएमआई डिपॉजिट करने की मंजूरी दी गई है. साथ ही बैंक को किसी भी तरह के निवेश और लोन डिस्ट्रीब्यूशन पर भी रोक लगा दिया गया है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यह प्रतिबंध मोगावीरा कोऑपरेटिव बैंक पर छह महीने के लिए लगाया है. केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में कहा कि ये प्रतिबंध शुक्रवार को कारोबार बंद होने के समय से प्रभावी होंगे और छह महीने की अवधि के लिए लागू रहेंगे और इनकी समीक्षा की जा सकती है.
क्या-क्या नहीं कर सकता है बैंक?
बयान में आगे कहा गया है कि सहकारी बैंक किसी भी तरह का लोन बांटने या एडवांस पेमेंट देने या नवीनीकृत नहीं कर सकता है, कोई निवेश नहीं कर सकता है, और धन उधार लेने और नए जमा स्वीकार करने समेत किसी भी प्रकार की देनदारी नहीं उठा सकता है.
आप कितना अमाउंट इस बैंक से निकाल पाएंगे?
इसमें आगे कहा गया है कि बैंक की वर्तमान तरलता स्थिति को ध्यान में रखते हुए, बैंक को निर्देश दिया गया है कि वह जमाकर्ता के बचत बैंक या चालू खातों या किसी अन्य खाते से 1 लाख रुपये से अधिक की राशि निकालने की अनुमति न दे. आरबीआई ने कहा कि बैंक के कामकाज में सुधार के लिए वह लगातार बैंक के बोर्ड और सीनियर मैनेजर के साथ बातचती करता रहेगा.
RBI ने अपने नोट में आगे कहा कि बैंक पर आर्थिक दबाव संबंधी चिंताओं को दूर करने और बैंक के डिपॉजिटर्स के हितों की रक्षा के लिए ठोस प्रयासों की कमी के कारण इन निर्देशों को जारी करना जरूरी हो गया था. आरबीआई ने यह भी कहा कि इन निर्देशों को जारी करने को आरबीआई की आरे से बैंकिंग लाइसेंस कैंसलि करने के तौर पर नहीं समझा जाना चाहिए.
प्रतिबंध के बाद बैंक को क्या करना होगा?
बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक उक्त निर्देशों के तहत प्रतिबंधों के अधीन रहते हुए बैंकिंग व्यवसाय करना जारी रखेगा. PTI के अनुसार, आरबीआई ने आगे कहा कि वह बैंक की स्थिति पर नजर रखना जारी रखेगा और परिस्थितियों के अनुरूप तथा जमाकर्ताओं के हित में, आवश्यकतानुसार निर्देशों में संशोधन सहित आवश्यक कार्रवाई करेगा.
पात्र जमाकर्ता डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन से अपनी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे. आरबीआई ने आगे कहा कि जमाकर्ता अधिक जानकारी के लिए बैंक अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं.
आजतक बिजनेस डेस्क