बाबा रामदेव के भाई राम भरत बने रुचि सोया के मैनेजिंग डायरेक्टर, जानें कितनी होगी सैलरी?

राम भरत को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर और आचार्य बालकृष्ण को चेयरमैन बनाया गया है. हालांकि, अभी इस पर शेयरधारकों से मंजूरी ली जानी है. रुचि सोया को पतंजलि ग्रुप ने पिछले साल ही 4,350 करोड़ रुपये में खरीदा है. 

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बाबा रामदेव के भाई बने रुचि सोया के एमडी बाबा रामदेव के भाई बने रुचि सोया के एमडी

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 30 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 11:53 AM IST
  • रुचि सोया अब पतंजलि समूह की कंपनी है
  • पिछले साल इसे पतंजलि ग्रुप ने खरीदा है
  • 41 साल के राम भरत को इसका MD बनाया गया

पतंजलि ग्रुप के संरक्षक और योग गुरु बाबा रामदेव के छोटे भाई राम भरत और उनके वरिष्ठ सहयोगी आचार्य बालकृष्ण को रुचि सोया के बोर्ड में जगह दी गयी है. राम भरत को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर और आचार्य बालकृष्ण को चेयरमैन बनाया गया है. हालांकि, अभी इस पर शेयरधारकों से मंजूरी ली जानी है. 

गौरतलब है कि न्यूट्रीला फूड ब्रैंड बेचने वाली सोया फूड कंपनी रुचि सोया को पतंजलि ग्रुप ने पिछले साल ही 4,350 करोड़ रुपये में खरीदा है. 

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शेयरधारकों को जानकारी 

रुचि सोया इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने अपने शेयरधारकों को नोटिस जारी कर उनसे 41 साल के राम भरत को मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर नियुक्ति के लिए मंजूरी मांगी है. बाबा रामदेव को भी कंपनी में डायरेक्टर बनाया गया है.

रुचि सोया को पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट, पतंजलि परिवहन प्राइवेट लिमिटेड और पतंजलि ग्रामोद्योग के कंसोर्टियम ने मिलकर खरीदा था. अब नए मैनेजमेंट को अपना बोर्ड चुनने का अधिकार है. 

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क्या कहा कंपनी ने 

रुचि सोया ने कहा है, 'कंपनी के निदेशक मंडल ने 19 अगस्त 2020 को आयोजित बैठक में श्रीराम भरत को 19 अगस्त, 2020 से 17 दिसंबर 2020 तक के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया है. उनका पद अब पूर्णकालिक निदेशक की जगह मैनेजिंग डायरेक्टर का होगा.' 

कितनी होगी सैलरी 

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नोटिस के मुताबिक राम भरत को सालाना सिर्फ 1 रुपये की सैलरी दी जाएगी. यानी वह सिर्फ प्रतीकात्मक रूप से ही सैलरी लेंगे और एक तरह से कंपनी की सेवा करेंगे. इसी तरह आचार्य बालकृष्ण भी सालाना 1 रुपये की प्रतीकात्मक सैलरी लेंगे. 

इसके अलावा, गिरीश कुमार आहूजा, ग्याज सुधा मिश्र और तेजेंद्र मोहन भसीन को कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक बनाया गया है. साल 2017 में रुचि सोया के दिवा​लिया होने की प्रक्रिया शुरू की गयी थी और इसी के तहत पिछले साल इसे बेचा गया था. 

(www.businesstoday.in/ के इनपुट पर आधारित) 

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