5 साल में 5131% का रिटर्न... अब रिकॉर्ड पर शेयर, एक्‍सपर्ट बोले- खरीदें!

बीएसई शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्म ने बताया है कि क्‍यों इस शेयर को अभी ऐड करना चाहिए, जबकि इसके शेयर अपने रिकॉर्ड हाई के करीब कारोबार कर रहे हैं.

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बीएसई शेयर. (Photo: Pixabay) बीएसई शेयर. (Photo: Pixabay)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 23 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 3:37 PM IST

BSE लिमिटेड के शेयरों में पिछले एक साल में 62 फीसदी और पिछले पांच सालों में 5,131 प्रतिशत का रिटर्न दिया है. 20 अप्रैल को इस सप्‍ताह 3,570 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के बाद शेयर में स्थिरता आ रही है, जिससे निवेशक यह सोचने पर मजबूर हो रहे हैं कि क्‍या इसमें और तेजी आ सकती है. 

इक्विरस सिक्योरिटीज ने इस स्टॉक पर 'ऐड' रेटिंग दी है, लेकिन इसका टारगेट प्राइस केवल सिंगल प्‍वॉइंट ग्रोथ बताया है. ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि बीएसई ने पिछले पांच सालों में मार्केट हिस्‍सेदारी में ग्रोथ दर्ज की है और बेहतर लाभ देने के कारण लगातार री-रेटिंग की है. ब्लूमबर्ग के अनुमान के अनुसार, यह वन ईयर फॉरवर्ड अर्निंग के 40 गुना से अधिक पर कारोबार कर रहा है. गुरुवार को शेयर 0.55 प्रतिशत गिरकर 3,480 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

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ब्रोकरेज का कहना है कि हमें उम्‍मीद है कि इन लेवल पर वैल्‍यूवेशन स्थिर रहेगा, जिसे स्‍ट्रक्‍चरल फैक्‍टर्स का सपोर्ट मिलेगा. कंपनी को नए डेरिवेटिव प्रोडक्‍ट्स और अन्‍य चीजों से मिले रेवेन्‍यू के कारण लगातार ग्रोथ रहेगी. वित्त वर्ष 2026 में इस शेयर ने 22 फीसदी के CAGR हासिल की है. इस कंपनी का मार्जिन और रेवेन्‍यू दोनों में उछाल आया है. 

इक्विरस ने कहा कि खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के समर्थन से स्टॉक एक्सचेंज भारत के डीप कैपिटल मार्केट से लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं. ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि बीएसई ने कैश ट्रांजेक्‍शन और कॉरपोरेट सर्विस समेत अन्य क्षेत्रों में स्थिर वृद्धि के साथ-साथ अपने डेरिवेटिव पेशकशों का विस्तार किया है.

बीएसई मार्केट हिस्‍सेदारी में ग्रोथ
इक्विरस ने कहा कि बीएसई ने लिस्टिंग बेस्‍ड, कैश इक्विटी फोकस प्लेटफॉर्म से डेरिवेटिव ऑपरेट मॉडल में चेंजेज किया है, जिसमें इक्विटी डेरिवेटिव रेवेन्‍यू में 60 प्रतिशत से ज्‍यादा का योगदान दिया है. वित्त वर्ष 2026 में इसकी प्रीमियम मार्केट हिस्सेदारी बढ़कर 28 प्रतिशत और स्‍टॉक हिस्सेदारी 42 प्रतिशत हो गई है.

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कंपनी के वॉल्‍यूम में भी बेहतर सुधार
घरेलू ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि इस ट्रांजैक्‍शन से होने वाली इनकम वित्त वर्ष 2023 में 240 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 के पहले महीने में 2480 करोड़ रुपये हो गई है, जो एक स्‍ट्रक्‍चरल चेंजेज का संकेत है. ब्रोकरेज ने कहा कि इसके वॉल्‍यूम की क्वॉलिटि में सुधार हुआ है. वित्त वर्ष 2026 में प्रीमियम-टू-नोशनल टर्नओवर 6-7 बीपीएस से बढ़कर 10 बीपीएस हो गया है. 

ब्रोकरेज ने कहा कि हम इंडेक्स ऑप्शंस के नोशनल टर्नओवर में 19 प्रतिशत सीएजीआर का अनुमान लगा रहे हैं और उम्मीद करते हैं कि वित्त वर्ष 2028 के अंत तक प्रीमियम-टू-नोशनल अनुपात बढ़कर 11.6 बीपीएस हो जाएगा. 

ब्रोकरेज फर्म ने आगे कहा कि बीएसई में ऑपरेशनल रेवेन्‍यू साफ तौर पर दिखाई देता है. वित्त वर्ष 2026 के पहले माह में इसका EBITDA मार्जिन 64 प्रतिशत रहा. फर्म ने यह भी बताया कि बीएसई की राजस्व वृद्धि लागत वृद्धि से अधिक रही है, और वित्त वर्ष 2027 और 2028 में मार्जिन बढ़कर 66-67 प्रतिशत होने की संभावना है.

(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने योग्‍य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

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