शेयर बाजार के लिए आ गई खुशखबरी, सरकार और RBI ने किए कई बड़े ऐलान

सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. साथ ही आरबीआई ने भी डॉलर का प्रवाह बढा़ने के लिए कुछ कदम उठाए हैं. एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि ये फैसले शेयर बाजार को मजबूती दे सकते हैं.

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शेयर बाजार के लिए बड़ी खुशखबरी. (Photo: AI Generated) शेयर बाजार के लिए बड़ी खुशखबरी. (Photo: AI Generated)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्‍ली,
  • 05 जून 2026,
  • अपडेटेड 12:13 PM IST

भारत सरकार ने देश के मार्केट को विदेशी निवेशकों के लिए ऑकर्षक बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है, जिससे रुपये में तेजी आने और डॉलर रिजर्व का फ्लो बढ़ने की उम्‍मीद है. यह स्‍टॉक मार्केट के लिए अच्‍छी खबर मानी जा रही है. सरकार के इन फैसलों से माना जा रहा है कि विदेशी निवेश तेजी से बढ़ सकता है.   

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बॉन्‍ड मार्केट के लिए सबसे बड़ा फैसला 
5 जून को सिर्फ रेपो रेट अनचेंज रखने का फैसला नहीं लिया गया है, बल्कि सरकार ने विदेशी निवेशकों के लिए एक अध्‍यादेश जारी किया है. विदेशी निवेशकों यानी FIIs को भारत की गवर्नमेंट सिक्‍योरिटीज यानी G-Sec में निवेश पर कैपिटल गेन टैक्‍स छूट दी है. यह अध्‍यादेश 5 जून को जारी किया गया, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा. 

आसान शब्‍दों में कहें तो अगर कोई विदेशी निवेशक भारत के बॉन्‍ड मार्केट में निवेश करता है और फिर उस बॉन्‍ड को बेचता है तो उसे कोई लॉन्‍ग टर्म कैपिटल गेन टैक्‍स नहीं देना पड़ेगा. वह अपना पूरा मुनाफा ले जा सकता है. माना जा रहा है कि यह फैसला रुपये को सपोर्ट करेगा और विदेशी कैपिटल (FII/FPI) को आकर्षित करेगा. साथ ही  भारतीय वित्तीय बाजारों में डॉलर का प्रवाह बढ़ा सकता है. इससे बॉन्‍ड मार्केट से लेकर शेयर बाजार तक में मजबूत आने की संभावना बन गई है.

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RBI ने भी उठाए बड़े कदम
सबसे पहले आरबीआई ने रेपो रेट में बदलाव नहीं करके शेयर बाजार निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत दी है. खासकर बैंकिंग और फाइनेंस शेयरों को एक सपोर्ट मिला है. फैसले के बाद इन शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली. इसके साथ ही विदेशी मुद्रा भंडार और डॉलर प्रवाह बढ़ाने के लिए भी कुछ फैसले लिए गए हैं. 

  • NRI जमा योजनाओं को अधिक आकर्षक बनाने के उपाय
  • विदेशी उधारी (External Borrowing) की हेजिंग लागत कम करने की पहल
  • विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा

शेयर बाजार के लिए क्या असर?

  1. FII निवेश बढ़ने की उम्मीद: जब विदेशी निवेशकों को बॉन्ड बाजार में टैक्‍स राहत मिलती है, तो भारत की फाइनेंशियल असेट अधिक आकर्षक बनती हैं. इससे इक्विटी बाजार में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है. 
  2. रुपये पर दबाव कम हो सकता है: अगर विदेशी कैपिटल का फ्लो बढ़ता है तो रुपये को सपोर्ट मिलेगा. मजबूत या स्‍थि रुपया विदेशी निवेशी निवेशकों के लिए शेयर बाजार में निवेश का रिस्‍क क करता है. 
  3. बैंकिंग और वित्तीय शेयरों को फायदा: आरबीआई के रेपो रेट को अनचेंज रखने से बैंकों की फंडिंग लागत पर तत्काल दबाव नहीं बढ़ेगा और बैंकिंग शेयरों को एक सपोर्ट मिल सकता है. रेपो रेट में बदलाव नहीं होने से बैंकिंग और PSU बैंक शेयरों में मजबूती देखी गई है. 

किन शेयरों को मिलेगा ज्‍यादा लाभ 
सरकार और आरबीआई के इन फैसलों से कुछ सेक्‍टर को सबसे ज्‍यादा लाभ मिलता हुआ दिख रहा है. इसमें सरकारी बॉन्‍ड मार्केट सबसे पहले हैं. इसके बाद बैंकिंग शेयर, सरकारी बैंक के शेयर, एनबीएफसी कंपनियों के शेयर और कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी की उम्‍मीद है.

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(नोट- किसी भी शेयर या बॉन्‍ड मार्केट में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.) 

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