डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरान को 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया और फिर सोमवार को अचानक एक बड़ा ऐलान करते हुए अगले 5 दिन के ईरान की एनर्जी साइट्स पर अटैक न करने की घोषणा कर दी. इसका तत्काल असर दुनियाभर के शेयर बाजारों में दिखा था और सोमवार को झटके में Gift Nifty 900 अंक उछल गया था, जबकि Dow Jones 1.38% उछलकर बंद हुआ.
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद ऐसी उम्मीद जताई जाने लगी कि भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को मंगल ही मंगल होगा, लेकिन ट्रंप के ऐलान के बावजूद ईरान में दनादन हमलों की खबर आने से शेयर बाजारों में हलचल फिर तेज होती नजर आई है. एशियाई बाजारों में कहीं तूफानी तेजी, तो कही तगड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. जो गिफ्ट निफ्टी अचानक रॉकेट बना था, वो करीब 350 अंक की गिरावट में कारोबार कर रहा है.
एशियाई बाजारों में अप-डाउन
ट्रंप के 5 दिन ईरान पर No Attack के ऐलान के तुरंत बाद विदेशी बाजारों की तस्वीर बदल गई थी. सोमवार की शाम Gift Nifty में जोरदार 4 फीसदी तक उछल गया था, इससे भारतीय शेयर बाजार में भी जोरदार रिकवरी होने के संकेत मिल रहे थे. हालांकि, मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने से पहले ही ईरान के गैस ग्रिड और पावर स्टेशन पर हमलों की खबर आने लगीं, जिससे बाजी फिर से पलटी नजर आई.
खबर लिखे जाने तक Gift Nifty 350 अंक के आसपास टूटकर 22,828 पर आ गया था. लेकिन दूसरी ओर जापान से लेकर कोरिया तक अन्य एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है.
जापान-कोरिया से हांगकांग तक बमबम
Gift Nifty की चाल भले ही बदली हो, लेकिन दूसरी ओर जापान का निक्केई करीब 600 अंक की तेजी लेकर कारोबार कर रहा है. इसके अलावा हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी 400 अंक चढ़कर ट्रेड करता हुआ नजर आया. बात साउथ कोरिया के KOSPI की करें, तो इसमें भी तेजी देखने को मिली है और ये 1 फीसदी से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था.
मिले-जुले संकेतों का भारत में दिखेगा असर
विदेशी बाजारों में होने वाली हलचल भारतीय शेयर बाजार के लिए संकेतक का काम करती है और इसका पॉजिटिव या निगेटिव इम्पैक्ट देखने को मिलता है. फिलहाल की बात करें, तो सोमवार शाम को आई तेजी ने सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी रिकवरी के ग्रीन सिग्नल दिए थे, वहीं गिफ्ट निफ्टी की अचानक बदली चाल ने हल्की चिंता बढ़ाई है. लेकिन इसके बावजूद अन्य एशियाई बाजारों में तेजी से सेंटीमेंट अभी भी पॉजिटिव नजर आ रहा है.
वहीं दूसरी ओर ट्रंप के हमले रोकने के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में भी एकदम से करीब 10 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली है. सोमवार को 112 डॉलर प्रति बैरल के पार चल रहा ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 102 डॉलर पर आ गया है, तो वहीं WTI Crude 91 पर ट्रेड कर रहा है. तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय बाजार में रिकवरी के संकेत दे रही है.
कल मचा था बाजार में कोहराम
गौरतलब है कि बीते कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में कोहराम मचा था. शुरुआत से ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी अंत तक संभल नहीं सके थे. सेंसेक्स 1836 अंक गिरकर 72,696 अंक पर बंद हुआ था, तो वहीं निफ्टी 601 अंक गिरकर 22,512 पर बंद हुआ था. इस गिरावट के चलते शेयर बाजार निवेशकों के एक ही दिन में करीब 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा स्वाहा हो गए थे.
ट्रंप का बयान, ईरान ने क्या कहा?
Donald Trump के बदले रुख ने शेयर बाजारों की चाल में बड़ा बदलाव किया है. दरअसल, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर पहले अमेरिका ने 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी थी. तो वहीं सोमवार को 5 दिन तक एनर्जी ठिकानों पर हमले नहीं करने का ऐलान कर दिया.
एक्सपर्ट्स की मानें, तो अगर सही में ईरान और अमेरिका के बीच बात सकारात्मक दिशा में बढ़ती है, तो बाजारों में रौनक लौट सकती है. हालांकि ईरान ने ट्रंप के इस दावे को फेक न्यूज बताया है, तो वहीं इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी कहा है कि ईरान पर हमले पहले की तरह जारी हैं.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
दीपक चतुर्वेदी