बजट की 10 खास बातें जो आप शायद ही जानते हों

बजट का इतिहास तकरीबन 150 साल पुराना है. भारतीय इतिहास में बजट से जुड़ी कई ऐसी घटनाएं हैं, जिनके बारे आम जनता ज्यादा नहीं जानती है. आइए डालते हैं इन्हीं तथ्यों पर एक नजर...

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बजट के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य बजट के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य

स्वाति गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

अब से कुछ दिनों बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली देश का अगला बजट पेश करेंगे. इसे लेकर पूरे देश की नजर उनके जादुई पिटारे पर टिकी हुई है. अब इस बजट में किसकी कटेगी जेब और किसको होगा फायदा, यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन उससे पहले जानते हैं बजट के बारे में कुछ ऐसे रोचक तथ्य जो शायद ही आपको पता हों.

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1) जेम्स विल्सन ने पेश किया पहला बजट
जेम्स विल्सन को भारतीय बजट का संस्थापक भी कहते हैं. भारत में पहला बजट 18 फरवरी 1860 को वायसराय की परिषद में जेम्स विल्सन ने ही पेश किया था. यह उन दिनों की बात है जब भारत एक गुलाम देश था. हालांकि इस वजह से त बजट के दौरान भारतीयों को बोलने तक का अधिकार नहीं था.

2) स्वतंत्र भारत का पहला बजट
स्वतंत्र भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आर.के. शनमुखम चेट्टी ने नवंबर इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था की समीक्षा की गई थी और कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया था.

3) बजट पेश न करने वाले वित्त मंत्री
थे जिन्होंने बजट नहीं पेश किया था. वे केवल 35 दिनों तक वित्त मंत्री रहे.

4) RBI के गवर्नर बने वित्त मंत्री
सी.डी. देशमुख भारत के पहले ऐसे वित्त मंत्री थे, जो मंत्री बनने से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर भी रह चुके थे. बता दें वह रिजर्व बैंक के पहले गवर्नर थे.

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5) जन्मदिन के मौके पर पेश किया बजट
मोरारजी देसाई ने वित्त मंत्री के रूप में सबसे किया. केवल वही एक ऐसे वित्त मंत्री थे, जिन्होंने 1964 और 1968 में दो बार, 29 फरवरी को अपने जन्मदिन के मौके पर बजट पेश किया था.

6) पीएम पद पर रहते हुए पेश किया बजट
देश के इतिहास में कई पूर्व प्रधान‍मंत्रियों ने पीएम पद पर रहते हुए भी वित मंत्री का अतिरिक्त कार्यभार संभालते हुए संसद में बजट को पेश किया. इनमें पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी शामिल हैं.

7) महिलाओं में अब तक इन्दिरा गांधी पहली वित्त मंत्री
संसद में बजट प्रस्तुत करने वाली एकमात्र महिला इन्दिरा गांधी हैं, जिन्होंने 1970 में आपातकाल के दौरान संसद में बजट पेश किया था.

8) हलवा परोसे जाने की रस्म
देश के आम बजट की प्रिंटिंग की प्रक्रिया है. एक बड़ी कड़ाही में हलवा बनाया जाता है और वित्त मंत्रालय के सभी कर्मचारियों को परोसा जाता है. इसके साथ ही बजट की तैयारियों में लगे अधिकारी और कर्मचारियों को अपने परिवार तक से अलग होकर नॉर्थ ब्लॉक के प्रेस में रहना होता है.

9) सात दिन कड़ी निगरानी में रहते हैं अधिकारी
बजट पेश किए जाने से सात दिन पहले वित्त मंत्रालय के बजट से जुड़े अधिकारी, विशेषज्ञ, प्रिंटिंग का काम करने वाले तथा अन्य संबंधी लोग दुनिया से अलग होकर नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय के भूतल में स्थित कक्ष में रहकर बजट को अंतिम रूप देते हैं. इस दौरान इन लोगों पर नजर रखने के लिए खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों का दल इनकी आवाजाही पर नजर रखता है.

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10) यहां होती है बजट की प्रिंटिंग
थी, लेकिन 1950 में बजट लीक हो गया जिसके बाद प्रिंटिग के काम को मिन्टो रोड स्थित सरकारी प्रेस में भेज दिया गया. 1980 से बजट नॉर्थ ब्लॉक यानी वित्त मंत्रालय में प्रिंट किया जाता है. बजट की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने तक सभी कर्मचारियों को मंत्रालय में ही रोका जाता है.

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