राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख नेता लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनकी राजनीति नहीं बल्कि उनका आध्यात्मिक रूप है. कभी खुद को भगवान कृष्ण का भक्त बताने वाले तेज प्रताप अब शिव भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनका नया रूप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह भगवा वस्त्र पहनकर रुद्राक्ष धारण किए हुए दिखाई देते हैं.
तेज प्रताप यादव ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम हैंडल का नाम बदलकर SantTejPratapYadav कर लिया है. इस नए हैंडल पर वह लगातार शिव भक्ति से जुड़े वीडियो और रील्स साझा कर रहे हैं. इन वीडियो में वह कभी शिव भजन सुनते नजर आते हैं तो कभी शिव पुराण के साथ बैठे दिखाई देते हैं. उनके इस बदलाव ने उनके समर्थकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच नई चर्चा शुरू कर दी है.
करीब तीन साल पहले, साल 2023 में तेज प्रताप यादव ने एक सपना देखने का दावा किया था. उन्होंने एक वीडियो में बताया था कि उन्होंने कुरुक्षेत्र युद्ध का दृश्य देखा. उस दृश्य में उन्हें चक्रव्यूह दिखाई दिया और फिर भगवान कृष्ण के दर्शन हुए. इसके बाद भगवान शिव और गणेश भी दिखाई दिए. अंत में उन्होंने एक बहुरूपी दिव्य स्वरूप देखा, जिसमें पूरे हिंदू देवताओं का समावेश था. उस समय तेज प्रताप खुद को कृष्ण भक्त के रूप में प्रस्तुत करते थे और भक्ति तथा ज्ञान की बातें करते नजर आते थे.
राजनीति से दूरी के बाद बदला तेज प्रताप का जीवन
समय के साथ तेज प्रताप का झुकाव बदलता नजर आया. अब वह शिव भक्ति में अधिक सक्रिय दिखाई दे रहे हैं. हाल ही में साझा किए गए वीडियो में वह भगवा कपड़ों में सोफे पर बैठे नजर आते हैं. उनके हाथ में रुद्राक्ष की माला होती है और सामने शिव पुराण रखी होती है. इस रूप को देखकर कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या तेज प्रताप अब संत बन गए हैं.
तेज प्रताप यादव का यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब वह राजनीतिक और पारिवारिक स्तर पर अकेले पड़ गए हैं. वर्ष 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें राष्ट्रीय जनता दल से बाहर कर दिया गया था. इसके बाद परिवार ने भी उनसे दूरी बना ली थी. तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर भी आरोप लगाए थे कि उन्हें किसी ने प्रभावित कर लिया है.
राजनीति में अलग-थलग पड़ने के बाद तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल नाम की पार्टी में खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया. लेकिन चुनावी मैदान में उन्हें सफलता नहीं मिली। महुआ सीट से चुनाव लड़ने पर वह तीसरे स्थान पर रहे और विजेता से लगभग 50 हजार वोट पीछे रह गए. इस हार के बाद उनका राजनीतिक सफर और मुश्किल हो गया.
सोशल मीडिया पर नया अवतार बना चर्चा का विषय
नामांकन के दौरान उन्होंने अपनी दिवंगत दादी मरछैया देवी की तस्वीर को गले लगाया था. यह तस्वीर भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही. लेकिन इससे भी उनके राजनीतिक हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया. धीरे-धीरे वह राजनीति से दूर होते गए और उन्होंने अपने जीवन में नया रास्ता तलाशना शुरू किया.
तेज प्रताप यादव पहले भी शिव भक्ति से जुड़े रहे हैं. साल 2018 और 2019 में जब वह बिहार सरकार में मंत्री थे, तब उन्होंने भगवान शिव का रूप धारण किया था. उस दौरान उन्होंने पटना के कई मंदिरों में पूजा की थी और झारखंड के देवघर स्थित बाबा धाम भी गए थे. बाबा बैद्यनाथ धाम बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और इसका धार्मिक महत्व बहुत अधिक है.
इसके बाद कुछ समय के लिए उनका झुकाव कृष्ण भक्ति की ओर बढ़ा. उन्होंने वृंदावन का दौरा किया और अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से लोगों को वहां की झलक दिखाई. पटना में जन्माष्टमी के कार्यक्रम में उन्होंने भगवान कृष्ण का रूप भी धारण किया था. उनके इस रूप को उनके समर्थकों ने काफी पसंद किया था.
चुनावी हार और पारिवारिक विवाद के बाद लिया नया रास्ता
अब एक बार फिर तेज प्रताप ने अपनी भक्ति का केंद्र बदल लिया है. उनके नए वीडियो में वह शिव भक्ति में पूरी तरह डूबे नजर आते हैं. उन्होंने एक वीडियो में आध्यात्मिक साधक शगुन वशिष्ठ के साथ भी सहयोग किया, जिन्हें वह अपना गुरु बताते हैं. उनके इंस्टाग्राम बायो में भी लिखा है कि उनका उद्देश्य वैदिक ज्ञान को बढ़ावा देना और हर दिल को धर्म से जोड़ना है.
तेज प्रताप यादव का जीवन कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. राजनीति में शुरुआती दौर से ही उन्हें आगे बढ़ाया गया था. लेकिन समय के साथ राजनीति का दबाव और व्यक्तिगत विवाद उनके लिए चुनौती बन गए. इसके बाद उन्होंने यूट्यूब की दुनिया में कदम रखा और LR Vlog नाम से चैनल शुरू किया, जिसमें वह अपनी जिंदगी से जुड़े वीडियो साझा करते थे.
साल 2025 में उन्होंने कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए शुरुआती इंटरव्यू भी पास किया था. इसके अलावा उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की मदद करने की भी बात कही थी. इसके बावजूद उनका ध्यान लगातार बदलता रहा और वह किसी एक दिशा में लंबे समय तक नहीं टिक पाए.
संत तेज प्रताप के रूप में सामने आया नया चेहरा
अब उनका यह नया आध्यात्मिक रूप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. कुछ लोग इसे उनके जीवन का नया अध्याय मान रहे हैं तो कुछ इसे उनका एक और प्रयास बता रहे हैं. सोशल मीडिया पर उनके इस बदलाव को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
तेज प्रताप यादव ने अपने जीवन में कई भूमिकाएं निभाई हैं. वह एक राजनेता रहे, फिर यूट्यूबर बने और अब एक शिव साधक के रूप में सामने आ रहे हैं. उनके इस सफर में भक्ति हमेशा एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही है, चाहे वह कृष्ण के प्रति हो या शिव के प्रति.
उनके करीबियों का कहना है कि लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बाद उन्होंने शांति की तलाश में यह रास्ता चुना है. वहीं कुछ लोग मानते हैं कि तेज प्रताप हमेशा से अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते रहे हैं और उनका यह रूप भी उसी का हिस्सा है.
तेज प्रताप ने कई भूमिकाएं निभाई हैं
फिलहाल तेज प्रताप यादव का यह नया अवतार लोगों के बीच चर्चा में है. वह सोशल मीडिया के जरिए लगातार अपने विचार और भक्ति से जुड़े संदेश साझा कर रहे हैं. आने वाले समय में उनका यह सफर किस दिशा में जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा.
सुशीम मुकुल