बिहार में सत्ता परिवर्तन की पठकथा लिख दी गई है और अब कोई भी सियासी खेला नहीं होने वाला है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली के लिए निकलेंगे और शुक्रवार को राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेंगे. इसके साथ ही लोकल से नेशनल नेता बन जाएंगे. ऐसे में अगले 48 घंटे में बिहार के सत्ता की दशा और दिशा दोनों ही तय हो जाएगी, जिस पर सभी की निगाहें लगी हुई है.
बिहार की राजनीति फिर एक बार बड़ा बदलाव होने जा रहा है. एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाएं तेज हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और पहली बार बीजेपी सूबे में अपना मुख्यमंत्री बनाएगी.
नीतीश कुमार के राइट हैंड माने जाने वाले जेडीयू नेता विजय कुमार चौधरी ने पार्टी की तरफ से पहली बार साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि आगे बिहार की सत्ता को बीजेपी लीड करेगी. अब साफ है कि बिहार में बीजेपी बड़े भाई के रोल में तो जेडीयू छोटे भाई की भूमिका में होगी?
अगले 48 घंटे में साफ हो जाएगी सत्ता की तस्वीर?
बिहार में सत्ता की दशा और दिशा अगले 48 घंटे में तय हो जाएगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को दिल्ली आएंगे और गुरुवार को राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेंगे. इसके अगले दिन शनिवार को यानी 11 अप्रैल को पटना लौट जाएंगे, जिसके बाद सरकार गठन की प्रक्रिया होगी. माना जा रहा है कि नीतीश 13 या 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन हो सकता है.
नीतीश कुमार दिल्ली से बिहार लौटने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे. इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल की बैठक की संभावना है और इसी बैठक में वे पद छोड़ने का निर्णय लेंगे. नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद पद की शपथ लेने के दिन ही 10 अप्रैल को दिल्ली में बिहार बीजेपी नेताओं की अहम बैठक है. इसमें पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं. इस बैठक में सरकार गठन की प्रक्रिया पर चर्चा हो सकती है.
बिहार में अब नहीं होगा खेला, बीजेपी का सीएम
बिहार में अब कोई सियासी खेला नहीं होगा. नीतीश कुमार की जगह बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा. जेडीयू के दिग्गज नेता और बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार में भाजपा बड़ी पार्टी है, लिहाजा सत्ता को लीड करने की जिम्मेदारी उन्हें ही लेना है. निर्णय उनका ही होगा, हम (जेडीयू) तो एनडीए के साथ हैं. नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद कैबिनेट स्वत: भंग हो जाएगी. ऐसे में नई सरकार का गठन किया जाएगा और शुभ मुहूर्त में अच्छा दिन देखकर यह काम होगा.
विजय कुमार चौधरी का यह बयान इस मायने में अहम है कि अभी तक यह किसी बड़े नेता ने स्पष्ट रूप से नहीं कहा था कि अगला सीएम किस दल का होगा. बीजेपी को अब अपना नया मुख्यमंत्री चुनना है. बिहार में नए सीएम की करें तो रेस में सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है. हालांकि, अभी तक बीजेपी ने सीएम के नाम पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, सभी को इसी बात का इंतजार है कि बिहार के नए मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री कौन-कौन बनाए जाते है.
दिल्ली में 10 अप्रैल को बीजेपी नेताओं के होने वाली बैठक में बिहार के नए सीएम के नाम पर चर्चा हो सकती है.मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति का प्रयास किया जाएगा. बिहार से इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा समेत अन्य सीनियर लीडर शामिल होंगे. अब देखना है कि बीजेपी सत्ता का सिंहासन किसे सौंपती है?
कुबूल अहमद