ये कहानी गया के बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव की है. यहां शादी के 3 घंटे बाद ही जेवरात और कैश लेकर दुल्हन परिजनों के साथ गायब हो गई. जब दूल्हे को पता चला तो वह बेबस और परेशान नजर आया. दूल्हा गणेश साव ने अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर दुल्हन और उसके परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी और ठगी की शिकायत दर्ज कराई है.
राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले गणेश साव को एक मध्यस्थ ने शादी के लिए लड़की का फोटो दिखाया था. लड़की पसंद आ गई तो बात आगे बढ़ी. लड़की पक्ष के लोगों ने लड़के के परिजनों से कैश और दुल्हन के लिए सोने का मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल, कपड़े सहित अन्य चीजों की डिमांड कर दी और शादी की बात फाइनल कर दी.
लड़का पक्ष ने सारा सामान तैयार किया और शादी के लिए बिहार के गया जिले पहुंच गए. लड़की पक्ष ने लड़के के परिजनों को बेलागंज के दरियापुर गांव में बुलाया था. लड़का पक्ष गांव पहुंचा तो लड़की पक्ष ने शादी के लिए तय राशि की डिमांड की. इसके बाद दूल्हा गणेश साव ने दुल्हन पक्ष को शादी के तय किए गए एक लाख दस हजार रुपये दिए.
सोमवार की देर रात हिंदू रीति रिवाज के अनुसार, शादी की सभी रस्में पूरी की गईं. इसके बाद दुल्हन पक्ष ने दुल्हन की विदाई का समय मंगलवार को तय कर दिया. वहीं दूल्हे के परिजनों को गांव में ही एक जगह रात में ठहरा दिया. अगले दिन सुबह दूल्हा परिजनों के साथ विदाई के लिए दुल्हन के घर पहुंचा तो देखा कि वहां ताला लगा हुआ है, और दुल्हन और परिजन गायब हैं.
दूल्हा पक्ष के लोगों ने गांव और आसपास दुल्हन और उसके परिजनों की खोजबीन की, लेकिन कोई पता नहीं चला. जब दूल्हे को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी और ठगी की गई है तो उसने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी. इसी के साथ बेलागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई.
वहीं दूल्हे के बड़े भाई ने बताया कि हम राजस्थान से यहां आए. भाई की शादी कोडरमा की रहने वाली पारो नाम की महिला ने तय कराई थी. गया के बेलागंज आ गए तो वह महिला हम लोगों को बेलागंज से 15 किलोमीटर दूर दरियापुर गांव ले गई. वहां हम 11 बजे रात को पहुंच गए. इसके बाद उस महिला ने कहा कि जल्दी से शादी कर लो, नहीं तो गांव वाले जाग जाएंगे तो दिक्कत हो जाएगी. इस पर हमने कहा कि शादी ऐसे थोड़े ही न होती है. इसमें फेरे होते हैं, रस्में होती हैं.
एक घंटे बाद भाई की शादी उस लड़की से करवा दी गई और कहा गया कि गाड़ी में ही आप लोग रेस्ट कर लीजिए. इतनी रात को लड़की को लेकर कहां जाएंगे. लड़की इतने भारी कपड़े पहनकर कैसे जाएगी. चेंज करवा देते हैं. यह कहकर वे लड़की को लेकर घर के अंदर चले गए. हमने लड़की को सोना चांदी दिया था, शगुन के रूप में एक लाख 11 हजार रुपये दिए थे.
गाड़ी में बैठे-बैठे जब कुछ घंटे हो गए तो हमने अपनी पत्नी को उस घर में देखने के लिए भेजा तो वहां तो कोई नहीं था. न दुल्हन थी और न ही उसके परिवार के लोग थे. वे सब गायब हो गए थे. जिस लड़की से शादी हुई थी, उसका नाम लक्ष्मी था. कोडरमा की जो महिला शादी करवा रही थी, उसका नाम पारो था. इस पूरे मामले को लेकर हम लोगों ने थाने में आवेदन दिया है. हम लोगों के साथ शादी के नाम पर बहुत बड़ी ठगी हुई है.
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