अनंत सिंह अपने 'जानी दुश्मन' के नाम पर करा रहे महादंगल, ईरान से जार्जिया तक के पहलवान दिखाएंगे दांव

मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह अपने गांव में महादंगल करा रहे हैं. यह दंगल वे अपने जानी दुश्मन रहे विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि पर करा रहे हैं. इस महादंगल में देश ही नहीं, बल्कि ईरान और जार्जिया के पहलवान अखाड़े में दांव-पेच आजमाते नजर आएंगे.

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विधायक अनंत सिंह और बाहुबली विवेका पहलवान (Photo-facebook) विधायक अनंत सिंह और बाहुबली विवेका पहलवान (Photo-facebook)

कुबूल अहमद

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 10:31 AM IST

बिहार के मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह, जब से जेल से जमानत पर बाहर आए हैं, उसके बाद से चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं. अनंत सिंह और विवेका पहलवान की अदावत ऐसी थी कि दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे थे. एक दूसरे की जान लेने के लिए कई बार गोलियां तक चली, लेकिन वक्त ने ऐसी करवट बदली की अनंत सिंह अपने उसी जानी दुश्मन विवेका पहलवान के नाम पर महादंगल करा रहे हैं.  

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अनंत सिंह के द्वारा नदवां गांव में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महादंगल का आयोजन किया गया है. यह आयोजन विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि पर किया जा रहा है.इसमें देश-विदेश के नामी पहलवान कुश्ती लड़ते नजर आएंगे.

पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र में स्थिति नदवां गांव में महादंगल के विशेष अखाड़ा बनाया गया है. इस महादंगल में ईरान, जॉर्जिये जैसे देशों के भी चर्चित पहलवान कुस्ती में अपना दांव पेच दिखाते नजर आएंगे. ऐसे में सवाल है कि अनंत सिंह जिस विवेका पहलवान की जान लेना चाहते हैं, अब उसी के नाम पर महादंगल क्यों करा रहे हैं? 

अनंत सिंह के महादंगल में ईरान के पहलवान
दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद बेऊर जेल से बाहर आए जेडीयू विधायक अनंत सिंह सुर्खियों में बने हुए हैं. जेल से बाहर आने के बाद अनंत सिंह पहला बड़ा आयोजन करा रहे हैं और वो भी अपने दुश्मन रहे विवेका पहलवान के नाम पर महादंगल करा रहे. इस महादंगल में सिर्फ भारत के ही नहीं बल्कि विदेश के भी पहलवान कुश्ती लड़ेंगे. 
 
ईरान के चर्चित पहलवान हामिद, इरफान और जलाल तो जॉर्जिया से टेड्डू पहलवान दंगल में उतरेंगे. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के भी नामी पहलवान अखाड़े में अपना दांव दिखाएंगे. 

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महादंगल के लिए खास अखाड़ा बनाया गया
मोकामा के नदवां गांव में होने वाले अंतरराष्ट्रीय महादंगल में देश-विदेश से पहलवान अपना दमखम दिखाएंगे. दंगल के लिए गांव में विशेष तरीके से अखाड़ा बनाया गया है. अखाड़े के लिए लाल मिट्टी मंगाई गई है. मिट्टी में हल्दी, नीम और सरसों का तेल मिलाकर तैयार किया गया. इसकी वजह है कि इस महादंगल में देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों के पहलवान आ रहे हैं, जिसके चलते अखाड़ा भी उसी स्तर का बनाया गया है. 

अनंत सिंह और विवेका पहलवान की अदावत
दंगल की दुनिया में विवेका पहलवान जाना-माना नाम रहा है. वह कुश्ती में बिहार केसरी का खिताब जीत चुके थे. विवेका के भाई अरविंद भी नामी गिरामी पहलवान रहे हैं. विवेका पहलवान मोकामा और बाढ़ के टाल इलाके के चर्चित थे, जिनका पूरा नाम बाहुबली विवेक सिंह था. एक समय था, जब  विधायक अनंत सिंह और विवेका पहलवान के बीच वर्चस्व को लेकर हिंसक संघर्ष होता था. 

अनंत सिंह और विवेका पहलवान के बीच कई बार सियासी टकराव हुआ और दोनों के बीच जमकर गोलियां चलती रहती थी. दोनों के बीच अदावत ऐसी थी कि दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे थे.यहां तक कि विवेका पहलवान ने तो एक बार पूर्व विधायक औरअनंत सिंह के सीने में कई गोलियां भी दाग दी थी लेकिन, किस्मत ने साथ दिया और अनंत सिंह बच गए थे.

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रिश्तेदार से कैसे बन गए एक-दूसरे जानी दुश्मन
विवेका पहलवान और अनंत सिंह आपस में रिश्तेदार हैं.एक दूसरे का घर अगल-बगल मेंहै, मोकामा के लदमा में दोनों का आवास है.गांव की भाषा में कहें तो दोनों एक-दूसरे के गोतिया हैं. दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजा लगते हैं, लेकिन वर्चस्य जमाने के लिए एक-दूसरे के दुश्मन बन बैठे.  यह दुश्मनी उस समय परवान चढ़ी जब अनंत सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह जो पेसे से वकील थे उनकी हत्या कर दी गई थी. 

अनंत सिंह के भाई हत्या का आरोप विवेका पहलवान पर लगा था. उसके बाद एक ही गांव के दो दुश्मन आपस में इस तरह से टकराते रहे थे कि कभी-कभी कई-कई घंटे तक उनके लोगों में फायरिंग होती रहती थी. साल 2009 में  अनंत सिंह पर एक-47 से हमला हो चुका है. वह बाल बाल बच गए थे.विवेका पहलवान की ओर से अनंत सिंह के घर पर हमला कर दिया था, उस समय अनंत को 8 से 10 गोली लगी थी.

घायल अनंत सिंह को लोग ट्रेन से लेकर लोग राजेंद्र नगर टर्मिनल लेकर गए थे, वहां कोई गाड़ी नहीं मिली थी तो, अनंत सिंह को ठेला पर लाद कर उनके समर्थक अशोक राजपथ के एक अस्पताल पर ले गए थे. वहां उनका ऑपरेशन हुआ था और वह बाल-बाल बचे थे. 

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 दोस्त बनने की अनंत- विवेका की कहानी
विवेका पहलवान और अनंत सिंह की दुश्मनी लगातार चलती आ रही थी, लेकिनवक्त और हालात बदले, जब अनंत सिंह के दो भाई मारे गए और इधर से भी कुछ सॉफ्टनेस हुआ, तो कुछ लोगों ने मध्यस्थता की. जिसमें मुख्य भूमिका मुंगेर के सांसद ललन सिंह की भी थी. इस तरह से दोनों की दुश्मनी खत्म हो गई थी और उनके रिश्ते बेहतर हो गए थे. 2025 को विवेका पहलवान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी, जिनके पहली पुण्यतिथि पर अनंत सिंह ने गांव में महादंगल  करा रहे हैं, जिसमें देश और विदेश के पहलवान कुश्ती लड़ेंगे? 

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