E30 पेट्रोल की तैयारी, हाई इथेनॉल फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म! समझिए सरकार का प्लान

नई अधिसूचना के अनुसार, 22 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर अब एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. इससे ज्यादा इथेनॉल वाला फ्यूल कम कीमत में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा. लेकिन पेट्रोल में बढ़ता इथेनॉल आम लोगों के लिए कई चिंताएं भी लेकर आ रहा है. एक सर्वे के मुताबिक 43% लोग अगले साल कार नहीं खरीदना चाहते हैं.

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यह पहली बार है जब E20 से ऊपर के इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को इस तरह की छूट मिली है. Photo: ITG यह पहली बार है जब E20 से ऊपर के इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को इस तरह की छूट मिली है. Photo: ITG

अश्विन सत्यदेव

  • नई दिल्ली,
  • 11 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:08 AM IST

पेट्रोल पंप वही रहेगा, गाड़ियां भी वही रहेंगी, लेकिन टैंक में जाने वाला फ्यूल धीरे-धीरे बदल जाएगा. सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है जो आने वाले सालों में देश का पूरा 'फ्यूल गेम' बदल देगा. देश में E20 की चर्चा अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुई थी कि सरकार ने E22, E25, E27 और E30 जैसे हाई इथेनॉल पेट्रोल के लिए रास्ता साफ कर दिया. इन फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी हटाकर साफ संकेत दे दिया गया है कि, जल्द ही देश में ज्यादा इथेनॉल वाले फ्यूल मिलने लगेगा. अब सवाल यह है कि इस बदलाव का आपकी गाड़ी, आपकी जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

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केंद्र सरकार ने पेट्रोल में अधिक मात्रा में इथेनॉल मिलाने को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. नई अधिसूचना के अनुसार, 22 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर अब एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी. इसका फायदा E22, E25, E27 और E30 जैसे फ्यूल ब्लेंड्स को मिलेगा. यह पहली बार है जब E20 से ऊपर के इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल को इस तरह की छूट मिली है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत में इथेनॉल, फ्लेक्स फ्यूल और कच्चे तेल के आयात की चर्चा जोरो पर है.

जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ टैक्स छूट नहीं, बल्कि सरकार की लंबी रणनीति का हिस्सा है. पिछले कई सालों से सरकार इथेनॉल ब्लेंडिंग पर फोकस किए हुए है. पिछले साल ही सरकार ने समय से पहले यानी एडवांस में E20 टार्गेट पूरा किए जाने का ऐलाल किया था. अब पेट्रोल में इथेनॉल का डोज बढ़ाया जाना है, जिससे बाजार में E22 से E30 तक के फ्यूल मिलने लगेंगे.

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हाल ही में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने E22, E25, E27 और E30 पेट्रोल के लिए नए क्वॉलिटी स्टैंडर्ड जारी किए थे. IS 19850:2026 के तहत लागू किए गए इन नियमों में एथेनॉल की मात्रा, ऑक्टेन रेटिंग, सल्फर लिमिट, टेस्टिंग प्रोसेस और सेफ्टी स्टैंडर्ड को स्पष्ट किया गया है. ये मानक 15 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं. BIS के नए मानकों और एक्साइज ड्यूटी छूट को साथ देखें तो यह हाई इथेनॉल पेट्रोल को बड़े लेवल पर लेकर जाने की तैयारी दिख रही है.

भारत में इथेनॉल ब्लेंडिंग का सफर

भारत में पेट्रोल में इथेनॉल ब्लेंडिंग पिछले कुछ सालों में तेजी से आगे बढ़ा है. ऑटोपंडित के अनुसार, इथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2021-22 में ब्लेंडिंग लेवल तकरीबन 10.00 प्रतिशत था. इसके बाद 2022-23 में यह बढ़कर 12.06 प्रतिशत हो गया. साल 2023-24 में यह 14.60 प्रतिशत तक पहुंचा, जबकि 2024-25 में 28 फरवरी 2025 तक यह 17.98 प्रतिशत दर्ज किया गया.

इसके बाद 2024-25 के दौरान ही देश ने 19 प्रतिशत ब्लेंडिंग लेवल हासिल कर लिया और E20 टार्गेट सप्लाई ईयर के बीच में ही पूरा कर लिया गया. अब 2025-26 में देशभर में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग को अनिवार्य रूप से लागू किया जा चुका है. अप्रैल 2026 तक 515 करोड़ लीटर से अधिक इथेनॉल की आपूर्ति की जा चुकी है, जो भारत के बायोफ्यूल मिशन की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.

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E20 को लेकर उठे थे सवाल

हालांकि इथेनॉल ब्लेंडिंग का यह सफर पूरी तरह स्मूथ नहीं रहा. इस दौरान विवाद और शिकायतें भी मिलती रहीं. कई वाहन मालिकों ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इस फ़्यूल से होने वाले नुकसान की बात की. कई लोगों ने कहा कि, E20 फ्यूल के इस्तेमाल के बाद से उनके वाहनों की परफॉर्मेंस खराब हुई है. माइलेज घटा है, इंजन और वाहन के कई इंटर्नल कंपोनेंट समय से पहले ही डैमेज हो गए हैं. यह मामला बाद में अदालत तक भी पहुंचा. लेकिन  सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने E20 पेट्रोल के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया था. 

आप पर क्या होगा असर?

फिलहाल आम लोगों के लिए पेट्रोल पंपों पर कोई बड़ा बदलाव तुरंत दिखाई नहीं देगा. लेकिन आने वाले समय में E22, E25, E27 और E30 जैसे हाई इथेनॉल फ्यूल बाजार में ज्यादा देखने को मिल सकते हैं. कुछ दिनों पहले केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के पुसा रोड स्थित इंडियन ऑयल आउटलेट पर देश की राजधानी के पहले E85 फ्यूल स्टेशन का उद्घाटन किया था.

इसके बाद से ही लोगों के जेहन में सवाल उठने लगे थें कि, अब E20 वाहनों का क्या होगा. जिसके जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, E85 फ्यूल लॉन्च करने का मतलब यह नहीं है कि, E20 फ्यूल बंद कर दिया जाएगा. E20 फ्यूल वाले वाहन भी उतने ही उपयोगी हैं और ये पेट्रोल मिलता रहेगा. फिलहाल, इसके लिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. 

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लेकिन यह जानना भी जरूरी है कि, ये नया फ्लेक्स फ्यूल केवल E85 कंप्लायंट वाहनों के लिए ही है. जिनकी संख्या बहुत सिमित है. इस फ्यूज लॉन्च के दौरान ही हीरो मोटोकॉर्प ने अपनी दो फ्लेक्स फ्यूल बाइक्स (हीरो स्प्लेंडर और हीरो एचएफ डिलक्स) को पेश किया. इसके अलावा मारुति सुजुकी ने भी अपनी मशहूर फैमिली कार वैगनआर का फ्लेक्स फ्यूल वर्जन से पर्दा उठाया है. फिलहाल, ये सभी वाहन अभी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं. हीरो मोटोकॉर्प अपनी बाइक्स को जुलाई से फेज़्ड मैनर में देश के अलग-अलग हिस्सों में लॉन्च करेगा. 

इथेनॉल से बढ़ती चिंता

इसमें कोई दो राय नहीं है कि, सरकार पेट्रोल में इथेनॉल डोज बढ़ाने के लिए कितनी एक्टिव है. लेकिन इससे आम लोगों की चिंता भी बढ़ रही है. हाल ही में लोकल सर्किल (LocalCircles) के एक सर्वे से पता चलता है कि गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे 43 प्रतिशत लोग E20 पेट्रोल और भविष्य में E30 फ्यूल पर स्विच करने की संभावना को लेकर चिंतित हैं. इस फ्यूल चेंज के कारण ये यूजर अगले साल अपनी कार खरीदारी की योजना को टाल सकते हैं या उस पर फिर से विचार कर सकते हैं. इस स्टडी में देश भर के 311 ज़िलों में 28,000 से ज़्यादा संभावित खरीदारों से राय ली गई थी.
 

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