बिहार के बांका जिले की रहने वाली विनीता एमए पास हैं. पढ़ाई के दौरान ही वह अपने पैरों पर खड़ा होना चाहती थीं, इसके लिए उन्होंने खेती-किसानी के क्षेत्र में कदम रखा. इस दौरान उन्होंने मशरूम की खेती की शुरुआत की. इस काम में उनके पति किशोर वैद ने उनका साथ दिया. आज वह मशरूम की खेती से लाखों रुपये का मुनाफा कमा रही हैं.
मशरूम की खेती के लिए मिल चुका अवॉर्ड
विनीता सबसे पहले कृषि विज्ञान केंद्र के तत्कालीन पी सी (प्रोग्राम को डिनटर) विनोद कुमार के 2011 के ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल हुईं. वह अपने साथ-साथ अन्य कई महिलाओं को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना चुकी हैं. इस काम के लिए बिहार और झारखंड की सरकार उन्हें अवॉर्ड भी दे चुकी है.
1000 से ज्यादा लोगों को दे चुकी हैं मशरूम की खेती की ट्रेनिंग
विनीता बताती हैं कि मौसम की मार से इस क्षेत्र के किसान परेशान रहते थे. ऐसे में मशरूम उत्पादन एक शानदार विकल्प उभरकर सामने आया है. दरअसल, मशरूम की खेती पर मौसम का कोई खास असर नहीं पड़ता है. विनीता अब तक 1000 से ज्यादा महिलाएं और पुरुषों को सम्मानित कर चुकी हैं. बता दें कि खेती-किसानी में कैसे सुधार हो इसके लिए विनीता खुद को अपडेट रखती हैं. देश के कई कृषि वैज्ञानिकों से ट्रेनिंग भी ले चुकी हैं. आस्ट्रेलिया से आए वैज्ञानिकों से भी ट्रेनिंग ले चुकी हैं.
अपने घर पर भी शुरू कर सकते हैं मशरूम की खेती
मशरूम की खेती आप अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं. इसके लिए कम से कम 6 बाय 6 की जगह चाहिए. ध्यान रखें जगह ऐसी हो जहां सूरज की रोशनी ना पहुंचती हो, अन्यथा मशरूम का पौधा खराब हो जाएगा. उसके बाद आपको पानी में भीगा हुआ भूसा तैयार करना होगा. भूसा तैयार होने के बाद आपको पॉलिथीन में उचित मात्रा में भूसे और मशरूम बीज को ऐसे बांध कर रखना है जिससे हवा किसी तरह से पास ना हो सके.
(बांका से प्रिय रंजन की रिपॉर्ट)
प्रिय रंजन