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श्रीलंका में कर्फ्यू के बाद अब सोशल मीडिया पर बैन, FB, ट्विटर और WhatsApp आउट ऑफ सर्विस

श्रीलंका में कर्फ्यू के बाद अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बैन कर दिए गए हैं. रविवार से श्रीलंका में फेसबुक (FB), ट्विटर (Twitter), व्हाट्सऐप (whatsapp) और इंस्टाग्राम (insta) सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आउट ऑफ सर्विस हो गए हैं.

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श्रीलंका में आर्थिल बदहाली से परेशान लोग सड़कों पर उतरकर हिंसा फैला रहे हैं. यहां सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया गया है. श्रीलंका में आर्थिल बदहाली से परेशान लोग सड़कों पर उतरकर हिंसा फैला रहे हैं. यहां सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया गया है.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सोमवार सुबह 6 बजे तक देश में लगाया गया है कर्फ्यू
  • कोलंबो सहित कई बड़े शहरों में 13-13 घंटे हो रहा पावर कट

श्रीलंका में हालात बेहद खराब होते जा रहे हैं. कर्फ्यू लगाने के बाद अब वहां की सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बैन कर दिए हैं. रविवार से श्रीलंका में फेसबुक (FB), ट्विटर (Twitter), व्हाट्सऐप (whatsapp) और इंस्टाग्राम (insta) सहित सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म आउट ऑफ सर्विस हो गए हैं. शनिवार देर रात से ही कोलंबो सहित कई शहरों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने काम करना बंद कर दिया. माना जा रहा है कि सरकार ने ये कमद आज पूरे देश में जगह-जगह होने जा रहे प्रदर्शन को रोकने के लिए उठाया है.

श्रलंका में लगाए गए कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं में लगे लोगों को पहचान पत्र के जरिए आने-जाने की छूट दी गई है. इसके अलावा राजनयिक मिशन के सभी स्टाफ सदस्य आईडी दिखाकर ट्रैवल कर सकते हैं. इससे पहले शनिवार को श्रीलंका में कर्फ्यू के लिए आदेश जारी किया गया था. यहां शनिवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक सार्वजनिक आवाजाही पर रोक लगाई गई है. कर्फ्यू के दौरान लोगों के सड़क, पार्क, रेलवे, समुद्र तटों सहित सभी सार्वजनिक स्थानों पर जाने की रोक लगा दी गई है.

श्रीलंका सरकार के मुताबिक अब तक हुए प्रदर्शनों में 3 करोड़ 90 लाख रुपए की सरकारी संपत्ति का नुकसान हो चुका है. सरकार के मुताबिक मिरहाना इलाके में राष्ट्रपति आवास के पास विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक 17 पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं.

श्रीलंका की आर्थिक बदहाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कोलंबो में 13-13 घंटे के पावर कट से जूझ रही जनता सड़कों पर उतर आई है और राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग कर रही है. लोगों के पास खाने-पीने की चीजें नहीं है. लोग हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं. हालात यहां तक बिगड़ गए हैं कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) ने 1 अप्रैल से देश में आपातकाल लागू कर दिया है. श्रीलंका के राष्ट्रपति कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि देश में कानून व्यवस्था कायम रखने, आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को जारी रखने के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया है.

पड़ोसी की मदद के लिए आगे आया भारत

श्रीलंका को भेजने के लिए भारत में व्यापारियों ने 40,000 टन चावल की लोडिंग शुरू कर दी है. रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, भारत से क्रेडिट लाइन मिलने के बाद ये श्रीलंका को भेजी जानी वाली अपनी तरह की पहली खाद्यान्न मदद है. श्रीलंका को ये सहायता ऐसे समय मिली है, जब वहां एक बड़ा त्यौहार मनाया जाने वाला है. साथ ही वहां बिगड़े हालात को देखते हुए आपातकाल भी लागू कर दिया गया है.

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