यूपी के बदायूं में दो मासूम बच्चों की पड़ोसी द्वारा बेरहमी से हत्या कर दिए जाने के मामले में अब नया खुलासा हुआ है. पुलिस ने कहा है कि इस मामले में एक मौलवी की भी पहचान की गई है जिससे पूछताछ की जा रही है. एसएसपी प्रियदर्शी ने प्रेस कॉन्फ्रेस कर कहा कि हत्या की इस वारदात में कई सवाल हैं जिन पर पुलिस की जांच चल रही है. वहीं इससे पहले इस डबल मर्डर के मुख्य आरोपी साजिद के छोटे भाई जावेद ने भी आत्मसर्पण कर दिया था जिसके बाद उसने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मंगलवार को बाबा कॉलोनी में हुई हत्याओं के बाद से फरार चल रहे जावेद ने पड़ोसी जिले बरेली के बारादरी थाने की पुलिस चौकी में आत्मसमर्पण कर दिया. एसएसपी के मुताबिक, पूछताछ के दौरान जावेद ने बताया कि घटना वाले दिन वह अपने भाई साजिद के साथ था. बता दें कि मुख्य आरोपी साजिद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है.
हत्या के बाद अपने ससुराल भाग गया था जावेद
एसएसपी ने कहा कि हत्या करने के बाद दोनों एक साथ भाग गए थे, जावेद पहले अपने ससुराल गया और वहां से दिल्ली चला गया. वहां उसके परिचितों ने उसे बताया कि पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, इसलिए उसे आत्मसमर्पण कर देना चाहिए. अधिकारी ने कहा, ''बदायूं जाने के बजाय, वह बरेली गया और आत्मसमर्पण कर दिया.''
दरगाह और मौलवी के यहां बीतता था साजिद का समय
जावेद ने पुलिस को यह भी बताया कि साजिद ने एक चाकू खरीदा था जिससे उसने डबल मर्डर को अंजाम दिया. जावेद ने पुलिस को बताया कि साजिद काफी गुस्सैल था जिसके लिए परिवार के सदस्यों ने उसका इलाज भी कराया था. न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस पूछताछ में जावेद ने बताया कि घटना वाले दिन साजिद सुबह से काफी परेशान था, इसलिए उसने बड़े भाई को दुकान बंद कर घर जाने को कहा था, लेकिन साजिद नहीं माना, जावेद के मुताबिक साजिद का काफी समय दरगाह और मौलवी के यहां बीतता था. पुलिस ने कहा कि ऐसे एक मौलवी की भी पहचान की गई है जिससे पूछताछ की जा रही है.
जावेद ने खुद को बताया निर्दोष
इससे पहले जावेद का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें वो लोगों के एक समूह से उसे पुलिस के पास ले जाने की गुहार लगाते हुए दिख रहा है. वीडियो में, जावेद कहता है कि वो घटना के बाद दिल्ली भाग गया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए बरेली लौट आया है. यह वीडियो पुलिस चौकी के पास एक ऑटोरिक्शा स्टैंड का बताया जा रहा है. वो कह रहा है, "मेरा इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है, वह (साजिद) मेरा बड़ा भाई था." जावेद वीडियो में कह रहा है कि साजिद ने ऐसा किया लेकिन मेरा इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है.''
हाल ही में साजिद ने खोली थी नाई की दुकान
बदायूं पुलिस जांच के लिए जावेद को अपराध से जुड़े स्थानों पर भी ले गई है. बता दें कि साजिद नाम के आरोपी ने हाल ही में बाबा कॉलोनी में नाई की दुकान खोली थी. वो मंगलवार को अपने परिचित परिवार के घर में घुस गया. उसने वहां 12 साल के आयुष, 8 साल के अहान उर्फ हनी और 10 साल के युवराज पर चाकू से हमला कर दिया. आयुष और अहान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवराज को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस दोहरे हत्याकांड के कुछ घंटों बाद पुलिस मुठभेड़ में साजिद मारा गया था.
जावेद को भी मिले मौत की सजा: विनोद कुमार
पुलिस ने साजिद और जावेद दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है. बदायूं जिला प्रशासन ने साजिद के पुलिस एनकाउंटर की मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश दिए हैं. बदायूं के जिला मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने कहा, "मुठभेड़ पर रिपोर्ट 15 दिनों में सौंपी जानी है." इस बीच, मृतक बच्चों के पिता विनोद कुमार ने जावेद की गिरफ्तारी पर पुलिस की सराहना की और उसे कड़ी सजा देने की मांग की. विनोद कुमार ने कहा, ''उससे पूछा जाना चाहिए कि उनके साथ कौन शामिल थे क्योंकि यह घटना किसी एक व्यक्ति की नहीं है. उसे भी मौत की सजा मिलनी चाहिए.''
मृतक बच्चों के पिता ने की सुरक्षा की मांग
उन्होंने कहा, "वह अपराध में समान रूप से शामिल है. वो किसी की भी गर्दन काट सकते हैं. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, उसका एनकाउंटर किया जाना चाहिए या मौत की सजा दी जानी चाहिए." पिता ने अपने परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा भी मांगी है.