स्ट्रीटलाइट से नहीं अब पेड़ों से जगमगाएगी सैन फ्रांसिस्को की सड़कें. पढ़कर अटपटा सा लग रहा है लेकिन अब रात में रोशनी के लिए स्ट्रीटलाइटों का नहीं बल्कि पेड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे न सिर्फ बिजली उत्पादन में खर्च हो रहे प्राकृतिक संसाधनों की बचत होगी, बल्कि शहरों में वृक्षारोपण को भी बढ़ावा मिलेगा.
अमेरिका के कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को के वैज्ञानिक और उद्योगपति ओमरी अमिराव ड्रोरी की मानें तो जीन संशोधन के जरिए ऐसे छोटे वृक्षों का विकास किया जा सकता है, जिनसे जुगनू की तरह रोशनी फैलाने वाले प्रोटीन का रिसाव होता रहे. ड्रोरी ऐसे भविष्य की कल्पना कर रहे हैं जब इस तरह के पौधे रोडलैंपों की जगह लें लेंगे.
विज्ञान समाचारों की वेबसाइट www.sciencenews.org ने ड्रोरी के हवाले से कहा, 'मेरे विचार से यह बहुत मजेदार होगा. यह पृथ्वी प्रकाश फैलाने वाले पौधों से युक्त एक अधिक खूबसूरत दुनिया बन सकती है.' मजेदार तथ्य यह है कि अमेरिका में 8433 लोग उनके समर्थन में आगे भी आए हैं.
किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा की जा रही किसी नेक पहल के लिए इंटरनेट के माध्यम से रुपया इकट्ठा करने वाली संस्था 'क्राउडफंडिंग' की वेबसाइट 'किकस्टार्टर' पर सात जून को समाप्त हुए एक अभियान के लिए इन लोगों ने 484,013 डॉलर इकट्ठे किए हैं.
ड्रोरी के समर्थकों ने इस शोध के लिए आवश्यक राशि से कहीं अधिक राशि इकट्ठी कर ली है, जिसकी सहायता से ड्रोरी अब अपने अगले अभियान के तहत प्रकाश फैलाने वाला गुलाब विकसित करने के लिए शोध कर सकेंगे.
इस तरह जीन संशोधित कर विकसित पौधे बहुत कम रोशनी ही उत्सर्जित करेंगे, लेकिन ड्रोरी का मानना है कि वह रोशनी रात में सड़कों को रोशन करने के लिए पर्याप्त होगी.