हम सबके पास दो जिंदगियां होती हैं. लेकिन दूसरी जिंदगी के बारे में पता ही तब चलता है. जब यह खयाल मन में आता है कि हमारे पास सिर्फ एक ही जिंदगी है. तभी हम जीना शुरू करते हैं.