प्रकृति से है संबंध-
सावन को प्रकृति की सौंदर्यता से जोड़कर देखा जाता है. जबकि शास्त्रों में स्त्री की तुलना प्रकृति से की जाती है. यही वजह है कि प्रकृति की हरियाली की तरह महिलाएं भी इस पर्व के आने पर अपने जीवन में उमंग और स्फूर्ति बनाए रखने के लिए इस रंग का प्रयोग करती हैं. सावन माह के दौरान पड़ने वाले कजरी तीज, हरियाली तीज और रक्षा बंधन जैसे त्योहारों पर महिलाएं हरी मेंहदी,हरी चूड़ियां, वस्त्र और बिंदी का प्रयोग करती हैं.