>एक बार सोनू की पत्नी बीमार थी
सोनू- बेबी अगर आप मर गईं तो मैं भी मर जाऊंगा.
पत्नी- मैं तो बीमार हूं, तुम क्यों मरोगे?
सोनू- खुशी से...
>चिंटू की पत्नी मायके जाने का सोच रही थी
पत्नी- सुनो जी, मैं मायके तब जाऊंगी, जब आप मुझे छोड़ने जाओगे.
चिंटू- वो तो ठीक है, पर प्रॉमिस करो कि वापस भी तब आओगी जब मैं लेने आऊंगा.
>एक बार राजू अपनी बीबी को हॉरर मूवी दिखाने ले गया
(अचानक स्क्रीन पर भूत आता है)
बीबी- हे मां...
राजू- तूने भी पहचान लिया क्या... (राजू स्क्रीन को हाथ जोड़ते हुए) सास जी प्रणाम...
>एक बार सुरेश के स्कूल का प्रिंसिपल नदी में गिर गया,
प्रिंसिपल को तैरना नहीं आता था और सुरेश छोटा था.
सुरेश चारों ओर चिल्लाता है, पर कोई भी प्रिंसिपल को बचाने नहीं जाता...
पुलिस वाले सुरेश से पूछते हैं- तुमने सर को डूबता देख कुछ किया क्यों नहीं?
सुरेश- मैंने सबके पास जाकर चिल्लाया पर किसी ने कुछ नहीं किया.
पुलिस- तुम चिल्ला क्या रहे थे?
सुरेश- छुट्टी... छुट्टी... कल स्कूल की छुट्टी...
>मोनू अपने पापा से पूछता है
मोनू- पापा शादी का समय कब आता है.
पापा- बेटा जैसे पाप का घड़ा भरते ही मौत निकट आ जाती है
वैसे ही खुशियों का घड़ा भरते ही शादी के दिन निकट आने लगते हैं.
>गोलू अपने दोस्त से कहता है
गोलू- कभी-भी सिर में दर्द हो तो गर्लफ्रेंड से बात करनी चाहिए.
दोस्त- इससे तो सिर दर्द बढ़ जाएगा.
गोलू- अरे मैंने सुना है, जहर ही जहर को मार सकता है.
>रमेश की बीबी उसे एक सवाल पूछती है
बीबी- सुनो ना, मुझे तुम्हारी लम्बी उम्र के लिए करवाचौथ के अलावा कौन-सा व्रत रखना चाहिए?
रमेश- मौन व्रत.
>सोनू फोन पर धीमी आवाज में बात कर रहा था.
बीवी- किससे बात कर रहे हो?
सोनू- बहन से.
बीवी- तो चुपके-चुपके क्यों कर रहे हो बात?
सोनू- क्योंकि बहन तेरी है.
>राहुल बस में चढ़ने लगा तो वहां पहले से ही सारी लड़कियां थी और अब सीट नहीं बची थी.
कंडक्टर- बस भर गई है... नो मोर, नो मोर
राहुल- मोरनी से ही सारी बस भर दी क्या जो अब नो मोर कह रहा है.
>सुरेश की शादी में विदाई के वक्त सुरेश के पास उसका ससुर आकर कहता है.
ससुर- बेटा ख्याल रखना.
सुरेश- आप अपनी बेटी की चिंता मत कीजिए, मैं उसका पूरा ख्याल रखूंगा.
ससुर- बेटा उसका नहीं अपना रखना, वो और उसकी मां बहुत जान खाती है.
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)