> एक बार दादा-दादी जवानी के दिनों को याद करने का फैसला किया.
अगले दिन दादाजी फूल लेकर तैयार होकर वहीं पहुंचे जहां पहले मिला करते थे.
मगर दादी नहीं आईं.
घर जाकर दादा बोले- आई क्यों नहीं?
दादी शर्माते हुए, 'मम्मी ने आने नहीं दिया'
> सिट्टू- दादी आप कहां-कहां घूमी हैं...
बिट्टू- पूरा हिंदुस्तान
सिट्टू- तो अब कहां घूमेगी...
बिट्टू- अब कब्रिस्तान...
दे थप्पड़....दे थप्पड़....दे थप्पड़!
> दादी: बेटा, पढ़ाई में मन लगाओ, वरना बड़ा होकर तुम्हें पछताना पड़ेगा.
पोता: दादी, आपने पछताया था?
दादी: नहीं बेटा, मैंने तो कभी पढ़ाई नहीं की थी, इसलिए मुझे पछताने का मौका ही नहीं मिला.
> बंटी: (दादी से) दादी आप एक्टिंग भी करती हैं
दादी: नहीं बेटा, मगर क्यों पूछ रहे हो?
बंटी: वो मम्मी बोल रही थीं कि आप यहां रहेंगी तो ड्रामा जरूर होगा.
> चिंटू- तुम इतने घबराए हुए क्यों हो?
मिंटू - मुझे एक व्यक्ति की ओर से धमकी भरा पत्र मिला है
कि मैंने उसकी पत्नी से मिलना बंद नहीं किया तो वह मेरा खून कर देगा.
चिंटू- तो फिर तुम उसकी पत्नी से मिलना बंद कर दो.
मिंटू - पर धमकी भरा खत गुमनाम व्यक्ति ने लिखा है.
मैं ये कैसे जान सकता हूं कि उसकी पत्नी कौन सी है?
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> गोलू- एक पड़ोसी से- मैं आपकी बेटी से शादी करना चाहता हूं
पड़ोसी- कितना कमा लेते हो?
गोलू- 20 हजार रुपये प्रतिमाह
पड़ोसी- मैं अपनी बेटी को 15 रुपये प्रति माह पॉकेट मनी देता हूं
गोलू- मैं भी तो उसी को जोड़कर ही तो बता रहा हूं...
> दोस्त- तेरी बीवी कुछ कहती नहीं
जब शाम को दारू पीकर घर जाता है
चिंटू- कहती नहीं, बोलती है
दोस्त- क्या?
चिंटू- कीड़े पड़ेंगे तुम्हारे दोस्तों को जिन्होंने तुम्हें बिगाड़ा...
(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)