देश की कैसी बिडंबना है कि एक तरफ महंगाई की वजह से लोग चीनी का स्वाद ठीक से नहीं ले पा रहे हैं. चाय फीकी पी रहे हैं. दूसरी तरफ, फैक्ट्रियों में करोड़ों की चीनी लापरवाही का शिकार हो रही हैं. कोल्हापुर की एक फैक्ट्री में 73 हजार क्विंटल चीनी ऐसे रखी है जो मानसून की मूसलाधार बारिश में कभी भी खराब हो सकती हैं.