scorecardresearch
 

अगर बिल्डर पैसा लेकर भाग जाए, तो क्या उठाएं कदम? जानिए कानून

भारतीय संसद ने रियल एस्टेट इंडस्ट्री को रेगुलेट करने और फ्लैट खरीददारों को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए साल 2016 में रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट बनाया था.

प्रतीकात्मक चित्र (फोटोः Aajtak.in) प्रतीकात्मक चित्र (फोटोः Aajtak.in)

भारतीय संसद ने रियल एस्टेट इंडस्ट्री को रेगुलेट करने और फ्लैट खरीददारों को फर्जीवाड़े से बचाने के लिए साल 2016 में रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट बनाया था. इसके तहत अगर बिल्डर या डेवलपर फ्लैट पर कब्जा देने में देरी करता है या कब्जा देने से इनकार करता है या फिर खरीददार का पैसा लेकर भाग जाता है, तो खरीददार रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) में इसकी शिकायत कर सकता है.

इसके बाद रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी मामले को देखता है और अगर उसको लगता है कि बिल्डर या डेवलेपर ने कानून का उल्लंघन किया है और खरीददार को एग्रीमेंट के तहत समय पर फ्लैट नहीं दिया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है और जुर्माना लगा सकता है. इतना ही नहीं, रेरा कानूनों का उल्लंघन करने वाले बिल्डर या डेवलपर का रजिस्ट्रेशन भी रद्द कर सकता है. कोई भी बिल्डर या डेवलपर रेरा में रजिस्ट्रेशन कराए बिना किसी प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं कर सकता है.

इसके अलावा अगर बिल्डर या डेवलपर फ्लैट खरीददार का पैसा लेकर भागने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ रेरा में शिकायत देने के साथ ही सिविल और क्रिमिनल कोर्ट में भी केस किया जा सकता है. इसके साथ ही बिल्डर के खिलाफ उपभोक्ता न्यायालय यानी कंज्यूमर फोरम में भी केस दायर किया जा सकता है.

72 फीसदी खरीददारों को है फ्लैट पर कब्जा मिलने में देरी की शिकायत

मैजिक ब्रिक्स के एक सर्वे मुताबिक रेरा में 72 फीसदी खरीददार इस बात की शिकायत करने के इच्छुक होते हैं कि बिल्डर या डेवलेपर उनको फ्लैट में कब्जा देने में देरी कर रहा है. इसके अलावा 19 फीसदी खरीददार बिल्डर या डेवलेपर से पैसा वापस चाहते हैं, जबकि 10 फीसदी खरीदार कब्जे के लिए इंतजार करने को तैयार रहना चाहते हैं.

फ्लैट खरीदने से पहले जुटा लें ये जानकारी

अगर आप फ्लैट या जमीन खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आप फ्लैट और बिल्डर के संबंध में अच्छे से जांच पड़ताल कर लें. वरना आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है. आइए जानते हैं कि फ्लैट खरीदने से पहले किन चीजों की जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए.

1. जिस प्रोजेक्ट में आपको फ्लैट लेना है, वह रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी से पंजीकृत प्रोजेक्ट हो.

2. जिस प्रोजेक्ट में आप फ्लैट खरीद रहे हैं, उसके संबंध में रेरा के नंबर पर फोन करके या फिर ऑनलाइन तरीके से जानकारी हासिल की जा सकती है.

3. इस बात को सुनिश्चित कर लें कि फ्लैट पर कब्जा कब तक देने की बात कही गई है.

4. जिस प्रोजेक्ट में फ्लैट देने की बात हो रही है, उसको रेरा की मंजूरी मिली है या नहीं.

5. प्रोजेक्ट के निर्माण और उसके पूरा होने के संबंध में जानकारी जुटा लें.

6. रेडी टू मूव या फिर अंडर कंट्रक्शन प्रोजेक्ट पर ही फ्लैट खरीदने की कोशिश करें.

7. इस बात की जानकारी जुटा लें कि होम लोन पर ब्याज की दर सबसे कम किस बैंक की है. इससे आप अपने पैसे भी बचा पाएंगे.

8. जीएसटी व अन्य टैक्ट और फ्लैट लेने से होने वाले फायदे के बारे में जानकारी जरूर ले लें.

9. इसका भी पता लगा लें कि फ्लैट के महीने का मेंटेनेंस कितना आएगा.

10. फ्लैट में बिजली और पानी के बिल की भुगतान की दर कितनी है, इसका भी जानकारी ले लें.

11. जहां पर आप फ्लैट ले रहे हैं, वो इलाका आपके रहने के लिए सही है या नहीं.

12. इसके अलावा आप बिल्डर या डेवलेपर से उस जमीन की रजिस्ट्री की फोटो कॉपी जरूर ले लें, जिसमें प्रोजेक्ट का निर्माण हो रहा है. इसके जरिए आप इसका भी पता लगा लें कि उस जमीन पर कोई लोन या विवाद तो नहीं हैं.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें