प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि सरकार घरेलू औषधि (फार्मा) क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश को अनुमति देने पर जल्द ही स्थिति को और अधिक स्पष्ट करने पर विचार कर रही है.
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की सलाना आम बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, 'हम औषधि क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति पर अधिक स्पष्टता लाने जा रहे हैं.'
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री का बयान मंत्रिमंडल के उस फैसले के बाद आया, जिसमें कहा गया था कि पहले से काम कर रही औषधि कम्पनियों में सभी एफडीआई को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) से मंजूरी लेनी होगी और यह स्थिति तब तक बनी रहेगी, जब तक कि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) को इस क्षेत्र में विदेशी निवेश पर फैसला लेने का अधिकार नहीं मिल जाता.
इसका मतलब यह है कि 49 फीसदी से कम अल्पमत विदेशी निवेश को भी एफआईपीबी से अनुमति लेना होगा. विस्तार की इच्छा रखने वाली औषधि कम्पनियों की चिंता यह है कि एफआईपीबी यदि फौरन फैसला नहीं लेती है, तो प्रक्रिया में काफी देरी लग सकती है.