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Andhra Pradesh: पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक, हेलिकॉप्टर के पास उड़ते मिले काले रंग के गुब्बारे!

पीएम मोदी सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह में शामिल होने आंध्र प्रदेश पहुंचे थे. जहां विजयवाड़ा में उनकी सुरक्षा में चूक का एक मामला सामने आया है.

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पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश की जनता को संबोधित किया पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार को आंध्र प्रदेश की जनता को संबोधित किया
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स्टोरी हाइलाइट्स
  • पीएम मोदी के हेलिकॉप्टर से कुछ ही दूरी पर काले रंग के गुब्बारे मिले
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताया पीएम का विरोध
  • मामले में पुलिस ने लिया एक्शन

पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह में शामिल होने आंध्र प्रदेश पहुंचे. इस मौके पर उन्होंने यहां अल्लूरी सीताराम राजू की 30 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का भी अनावरण किया. लेकिन इसी बीच पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक (Security Breach) का मामला भी चर्चा में आ गया. 

बताया जा रहा है कि विजयवाड़ा में पीएम के हेलिकॉप्टर की दिशा में काले रंग के गुब्बारे (Black Balloons) उड़ते हुए देखे गए. जिसके बाद प्रशासन सतर्क हो गया. विजयवाड़ा कमिश्नर कांथी राणा के मुताबिक, प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर से करीब 2 किलोमीटर की दूरी से कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं ने काले गुब्बारे छोड़े. जिसको लेकर मामला भी दर्ज कर लिया गया है और अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं ने काले गुब्बारे दिखाकर पीएम मोदी का विरोध करने का राष्ट्रव्यापी आह्वान किया था. 

 

वहीं अल्लूरी सीताराम के जयंती कार्यक्रम में पहुंचे पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश की जनता को भी संबोधित किया. पीएम ने कहा कि आज एक ओर देश आज़ादी के 75 साल का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो साथ ही अल्लूरी सीताराम राजू गारू की 125वीं जयंती का अवसर भी है. संयोग से, इसी समय देश की आज़ादी के लिए हुई ‘रम्पा क्रांति’ के 100 साल भी पूरे हो रहे हैं. 

उन्होंने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू गारू की 125वीं जन्मजयंती और रम्पा क्रांति की 100वीं वर्षगांठ को पूरे वर्ष सेलिब्रेट किया जाएगा. पंडरंगी में उनके जन्मस्थान का जीर्णोद्धार, चिंतापल्ली थाने का जीर्णोद्धार, मोगल्लू में अल्लूरी ध्यान मंदिर का निर्माण, ये कार्य हमारी अमृत भावना के प्रतीक हैं. पीएम ने कहा कि आजादी का संग्राम केवल कुछ वर्षों का, कुछ इलाकों का, या कुछ लोगों का इतिहास नहीं है. ये इतिहास, भारत के कोने-कोने और कण-कण के त्याग, तप और बलिदानों का इतिहास है. 

यहां की जनता को संबोधित करते हुए पीएम ने आगे कहा कि सीताराम राजू गारू के जन्म से लेकर उनके बलिदान तक, उनकी जीवन यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणा है. पीएम ने कहा कि सीताराम राजू ने अपना जीवन आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए, उनके सुख-दुःख के लिए और देश की आज़ादी के लिए अर्पित कर दिया. 

 

अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि आंध्र प्रदेश वीरों और देशभक्तों की धरती है. यहां पिंगली वेंकैया जैसे स्वाधीनता नायक हुये, जिन्होंने देश का झण्डा तैयार किया. ये कन्नेगंटी हनुमंतु, कन्दुकूरी वीरेसलिंगम पंतुलु और पोट्टी श्रीरामूलु जैसे नायकों की धरती है. 

पीएम मोदी ने कहा कि आज अमृतकाल में इन सेनानियों के सपनों को पूरा करने की ज़िम्मेदारी हम सभी देशवासियों की है. हमारा नया भारत इनके सपनों का भारत होना चाहिए. एक ऐसा भारत- जिसमें गरीब, किसान, मजदूर, पिछड़ा, आदिवासी सबके लिए समान अवसर हों. उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद पहली बार, देश में आदिवासी गौरव और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए आदिवासी संग्रहालय बनाए जा रहे हैं. आंध्र प्रदेश के लंबसिंगी में 'अल्लूरी सीताराम राजू मेमोरियल जन- जातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय' भी बनाया जा रहा है. 

स्किल इंडिया मिशन के जरिए आज आदिवासी कला-कौशल को नई पहचान मिल रही है. 'वोकल फॉर लोकल' आदिवासी कला कौशल को आय का साधन बना रहा है. दशकों पुराने क़ानून जो आदिवासी लोगों को बांस जैसी वन-उपज को काटने से रोकते थे, हमने उन्हें बदलकर वन-उपज पर अधिकार दिये. 

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'मण्यम वीरुडु' अल्लूरी सीताराम राजू ने, अंग्रेजों से अपने संघर्ष के दौरान दिखाया कि - 'दम है तो मुझे रोक लो'. आज देश भी अपने सामने खड़ी चुनौतियों से, कठिनाइयों से इसी साहस के साथ, 130 करोड़ देशवासी, एकता के साथ, सामर्थ्य के साथ हर चुनौती को कह रहे हैं- 'दम है तो हमें रोक लो'.


 


 

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