हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मास्टर हुकुम सिंह का गुड़गांव के एक प्राइवेट अस्पताल में गुरुवार को निधन हो गया. वह कुछ दिनों से बीमार थे. वह 89 साल के थे.
हरियाणा सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक हुकुम सिंह ने गुड़गांव के मेडिसिटी मेदांता अस्पताल में शाम करीब 6 बजे के आखिरी सांस ली.
इससे पहले दिन में राज्य के मंत्री ओपी धनकड़ ने अस्पताल का दौरा करके पूर्व मुख्यमंत्री का हालचाल जाना था. एक डॉक्टर ने बताया कि हुकुम सिंह को पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (PGIMS) रोहतक से बुधवार को गुड़गांव भेज दिया गया था. पेट से संबंधित परेशानी के कारण उन्हें गुड़गांव लाया गया. पहले सांस में तकलीफ के कारण उन्हें PGIMS में भर्ती कराया गया था.
किसान, शिक्षक और मजदूर नेता रहे हुकुम सिंह का जन्म भिवानी के चरखी दादरी में हुआ था. वह जुलाई 1990 से मार्च 91 तक जनता दल सरकार में राज्य के मुख्यमंत्री रहे. इससे पहले तीन बार वह चरखी दादरी से विधायक चुने जा चुके थे.
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हुकुम सिंह के निधन पर शोक जताया है और उन्हें कमजोर तबके का जीवन-स्तर सुधारने के लिए अथक परिश्रम करने वाला राजनेता बताया है.
राज्य सरकार ने 28 फरवरी तक तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है. इस दौरान पूरे राज्य में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई सरकारी मनोरंजन नहीं होगा. राज्य सरकार ने सभी सरकारी दफ्तरों और शिक्षण संस्थाओं में 27 फरवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.