स्वामी नारायण समुदाय के प्रमुख स्वामी महाराज का सारंगपुर में बुधवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया. प्रमुख स्वामी महाराज का शनिवार शाम को निधन हो गया था. प्रमुख स्वामी महाराज के अंतिम दर्शन के लिए आम जनता के साथ तमाम गणमान्य लोग भी मौजूद रहे.
इनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल, जाने माने कथाकार मोरारी बापू, योग गुरु रामदेव, बीजेपी के वरिष्ठ नेता एल के अडवाणी और जाने माने उद्योगपति अनिल अंबानी शामिल रहे.
पंचामृत से किया गया अभिषेक
प्रमुख स्वामी महाराज के पार्थिव शरीर को बुधवार दोपहर बाद 3 बजे पालकी में लेकर स्वामी नारायण समुदाय के संत यहां पहुंचे. लाखों की तादाद में इकट्ठा हुए लोगों ने प्रमुख स्वामी के दर्शन के लिए मंगलवार रात से ही मंदिर में अपनी जगह लेना शुरू कर दिया था. लगातर चल रहे 'ओम स्वामी नारायण नम:' के नाद के बीच प्रमुख स्वामी के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि के लिए लाया गया. इससे पहले पंचामृत से अभिषेक किया गया. जिसके बाद उनके मुख में गंगा जल दिया गया.
नए वस्त्र से तैयार की गई पालकी
नए वस्त्र के साथ उनकी पूरी पालकी तैयार की गई. इसके बाद पालकी को उनके गुरु शास्त्री जी महाराज के मंदिर की ओर ले जाया गया जहां उनकी पालकी में पदक्षिना करवाई गई. साथ ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनके शरीर को चिता पर लिटाया गया.
पूरी की गई अंतिम इच्छा
सांरगपुर के मुख्य मंदिर परिसर में भगवान स्वामी नारायण और प्रमुख स्वामी के गुरु शास्त्रीजी महाराज के मंदिर की सीधी लकीर जहां मिलती है, उसी जगह पर प्रमुख स्वामी की चिता के लिए बनाए चबूतरे पर उन्हें लाया गया. दरअसल प्रमुख स्वामी की अंतिम इच्छा थी कि वो उनके इष्ट देव भगवान स्वामी नारायण और गुरु महराज के सामने ही उनके देह का अग्नि संस्कार किया जाए. प्रमुख स्वामी महाराज के पार्थिव शरीर को नए प्रमुख महंत स्वामी ने मुखाग्नि दी.