दिल्ली विश्वविद्यालय में हालात उस समय काबू से बाहर हो गए जब एनएसयूआई और आइसा से जुड़े छात्रों ने विश्वविद्यालय में जम कर प्रदर्शन किया. एनएसयूआई के अध्यक्ष अक्षय की अगुआई में छात्र आर्ट्स फैकल्टी में घुस गए और जमकर तोड़फोड़ की.
इसके बाद छात्र कैंपस में मुख्य चौराहे को जाम करने के लिए बीच सड़क पर बैठ गए और कुछ देर तक यातायात बाधित किया. हालात को काबू में करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस ने अक्षय को कुछ देर के लिए हिरासत में लिया और छात्रों को जबरन सड़क पर से उठाया गया.
दरअसल, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संग चुनाव में अध्यक्ष पद पर जीते अंकिव बैसोया की फर्जी डिग्री को लेकर तुरंत कार्यवाई की मांग को लेकर कर रहे थे. यह विरोध प्रदर्शन एनएसयूआई ने आयोजित की थी. जिसमें कवलजीत की अगुआई में आइसा ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और आर्ट्स फैकल्टी के सामने सड़क पर काफी देर तक बैठकर नारेबाजी करते रहे. डीयू प्रशासन के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई और अंकिव बैसोया को अध्यक्ष पद से तुरंत बर्खास्त कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की.
अक्षय का कहना था कि हम लगातार शांतिपूर्ण तरीके से डीयू प्रशासन से अंकिव बैसोया को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं, पर प्रशासन सरकार के दबाव में है और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही. टालते-टालते एक महीना निकाल दिया और अब ये दूसरा महीना भी ऐसे ही निकाल देंगे क्योंकि लिंगदोह की अनुसार अगर दो महीने के अंदर दोबारा चुनाव नहीं कराये गए तो फिर चुनाव नहीं हो सकेंगे. हम ये अन्याय नही बर्दाश्त करेंगे और 15 तारीख को कोर्ट में जाएंगे, साथ ही हमारा विरोध प्रदर्शन लगातर चलता रहेगा.