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बिहार के इन 4 जिलों में स्किल इंडिया के तहत पैथोलॉजी की शुरुआत

भारत सरकार का कौशल विकास मंत्रालय बिहार में गांव-गांव में पैथोलॉजिकल सर्विसेज सेन्टर की शुरुआत करने जा रहा है. मंत्रालय इस योजना से न सिर्फ गांव के लोगों को बेहतर पैथोलॉजी की सुविधा मिलेगी बल्कि लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.

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राजीव प्रताप रुड़ी ने पैथोलॉजी की शुरुआत की राजीव प्रताप रुड़ी ने पैथोलॉजी की शुरुआत की

भारत सरकार का कौशल विकास मंत्रालय बिहार में गांव-गांव में पैथोलॉजिकल सर्विसेज सेन्टर की शुरुआत करने जा रहा है. मंत्रालय इस योजना से न सिर्फ गांव के लोगों को बेहतर पैथोलॉजी की सुविधा मिलेगी बल्कि लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे. कौशल विकास मंत्रालय अभी बिहार के 4 जिलों में इसकी शुरुआत कर रहा है. अगर ये योजना सफल रही तो पूरे बिहार के साथ-साथ पूरे देश में इसे लागू किया जाएगा.

बिहार में इस क्षेत्र में काम कर रहें डॉ. प्रभात रंजन डाइगोनेस्टिक एंड रीसर्च सेण्टर, पटना के सहयोग से बिहार के छपरा जिला के अमनौर में देश का सबसे बड़ा पैथोलॉजिकल सर्विसेज सेन्टर की शुरुआत भी कर दी गई है. इस केन्द्र के माध्यम से गांव में बसे लोगों को सबसे कम कीमत पर गुणवत्ता के साथ पैथोलॉजी के सेवा मुहैय्या करायी जाएगी. अमनौर में पैथोलॉजिकल सर्विसेज सेन्टर की शुरुआत भारत सरकार के कौशल विकास मंत्री राजीव प्रताप रुड़ी ने की.

भारत गांवो का देश है और गांव में बसने वाले लोगों के इलाज में ज्यादा परेशानी और ज्यादा खर्च ना हो इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पैथोलॉजिकल सर्विसेज सेन्टर की शुरुआत की गई है. इस केन्द्र की शुरुआत होने पर खुशी जाहिर करते हुए केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रुड़ी ने कहा कि यह केन्द्र देश का सबसे बड़ा पैथोलॉजिकल सेन्टर है. उन्होंने कहा कि इस सेन्टर के माध्यम से बिहार के 45000 गांवो तक पैथोलॉजिकल सर्विस की सेवा दी जाएगी, जिससे लोग काफी कम खर्च पर अपनी बीमारी का इलाज करा सकेंगे. केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग शहरों पर ज्यादा खर्च पर इलाज कराने में असमर्थ हैं उनको इस सेन्टर से काफी लाभ मिलेगा.

डॉ. प्रभात रंजन डाइगोनेस्टिक एंड रीसर्च सेण्टर,पटना के निदेशक डॉ प्रभात रंजन ने कहा कि यह सेन्टर को प्रारंभ करने की पीछे बिहार की सेवा का दर्द छिपा हुआ है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गो को जांच के लिए नजदीकी शहरों में जाने के दौरान होने वाली परेशानी को ध्यान में रखकर इस पैथोलोजी सर्विस की शुरुआत की गई है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के व्यवसाय से चार गुना बड़ा व्यवसाय पैथोलॉजी का है. डॉ. प्रभात रंजन ने ये भी कहा कि इस अभियान में स्किल डेवलपमेन्ट भी हो रहा है और ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण के बाद लाखों युवाओं को रोजगार पाने का भी मौका मिलेगा.

गौरतलब है कि डॉ. प्रभात रंजन डाइगोनेस्टिक एंड रिसर्च सेण्टर, पटना के कंकड़बाग इलाके में स्थापित बिहार का पहला संस्थान है, जहां कैंसर से संबंधित सभी मौलिकुलर जांच उपलब्ध है. इससे पहले बिहार के मोकामा प्रखंड में डायरेक्ट टू विल्लेज पैथोलॉजी सेवा प्रयोग के रूप में शुरू किया गया था, जिससे ग्रामीण जनता को होने वाले फायदे को देखते हुए बिहार के 45 हजार गांवों पैथोलॉजिकल सर्विसेज सेन्टर की शुरुआत की जा रही है.

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