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विशेषांक

स्वप्ना बर्मन

विशेषांकः तय किया कि अब कभी खाली हाथ नहीं लौटूंगी..

06 जनवरी 2021

...जब 2014 के एशियाई खेलों में मुझे पांचवां स्थान मिला’’

सधी चाल 2015 में इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में आनंद

विशेषांकः मैं बस 13 साल का था, अचानक जीतने लगा...

06 जनवरी 2021

मेक्सिको 2007 वाकई बड़ा मौका था, सब कुछ सपने जैसा हुआ, और उसकी वजह से मैं अगले छह साल तक विश्व चैंपियन के खिताब का हकदार बना रहा

नरेश त्रेहन

मैं हृदय रोगियों की मदद न कर पाने से हताश था...

06 जनवरी 2021

...इसलिए मैंने विदेश जाकर ट्रेनिंग लेने का संकल्प लिया और नया कौशल लेकर वापस लौटा’’

विजय शेखर शर्मा

कॉलेज में समझ नहीं पाता था कि टीचर क्या कह रहे हैं...

06 जनवरी 2021

मेरा मानना है कि जो कुछ भी मेरे रास्ते में आता है, मैं जो कुछ भी करता हूं, वह सब भगवान की योजना का हिस्सा है. अगर मेरे सामने चुनौती आई है तो मैं उसे पार करने के लिए ही बना हूं

नई पारी 2009 में तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद

विशेषांकः पचास की उम्र नौकरी बदलने की नहीं होती...

06 जनवरी 2021

उसने (राजनीति में उतरने) मेरी जिंदगी बदल दी. न केवल मैंने उस चुनाव को जीता, उसने मेरे जीवन में घटी बहुत-सी अच्छी और बुरी घटनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त किया. उससे मुझे बहुत अशांति और महान संतुष्टि दोनों हासिल हुई''

पुलेला गोपीचंद

विशेषांकः मेरी 2001 में इंग्लैंड की जीत अहम थी...

06 जनवरी 2021

...क्योंकि इसने मुझे यह साबित करने में मदद की कि ताकत और दमखम की जरूरत वाले आधुनिक बैमिंटन में भी भारतीय जीत सकते हैं’’

पेरुमल मुरुगन

विशेषांकः मुझे गणित दे दिया गया था...

06 जनवरी 2021

...लेकिन मैंने ‌प्रिंसिपल से कहा कि अगर वे मुझे तमिल साहित्य, जो मेरा जुनून था, नहीं पढऩे देंगे तो मैं कॉलेज छोड़ दूंगा’’

रितेश अग्रवाल

विशेषांकः मेरे पास सिर्फ 30 रु. ही बचे थे...

06 जनवरी 2021

...मगर मुझे मालूम था कि घर से मदद का मतलब उद्यम के सपने का मर जाना होता’’

प्रेरक मुंबई में अपने एसबीआइ के दिनों में अरुंधति भट्टाचार्य

''मां के दायित्व के चलते नौकरी छोड़ ही चुकी थी...

06 जनवरी 2021

...पर मेरे मेंटर ने मुझे लखनऊ में रुके और डटे रहने के लिए मना लिया"

देवी शेट्टी

''जब मैंने बिना एक भी मौत के 1989 में कोलकाता में दिल का 100वां ऑपरेशन किया...

06 जनवरी 2021

...मैं समझ गया था कि देश में हृदय की सर्जरी में एक क्रांति लाई जा सकती है.’’

आयुष्मान खुराना

विशेषांकः मुझे डेंटल कॉलेज में सीट मिली

06 जनवरी 2021

...लेकिन मुझे अपने मन की बात सुनते हुए आट्रर्स लेना था और फिर थिएटर करना था’’