
दुनिया भर में चल रहे कोविड-19 टीकाकरण के दौर के बीच एक डराने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है. इस वीडियो में एक महिला जमीन पर लेटी नजर आ रही है और उसका शरीर जोर-जोर से हिल रहा है. आसपास खड़े लोग परेशान लहजे में किसी विदेशी भाषा में बात कर रहे हैं और बीच-बीच में झुक कर महिला की तबियत का जायजा भी ले रहे हैं.
ऐसा कहा जा रहा है कि वीडियो में नजर आ रही महिला की ये हालत कोविड-19 वैक्सीन लगवाने के तुरंत बाद हुई.
एक ट्विटर यूजर ने ये वीडियो शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा, जिसका हिंदी अनुवाद है, “इस महिला ने अर्जेंटीना में कोविड वैक्सीन लगवाई और कुछ ही पलों बाद इसकी ये हालत हो गई. लोगों के कई बार बुलाने के बावजूद डॉक्टर महिला की मदद के लिए नहीं आए. आखिर में दो पुलिसवाले इस महिला को अस्पताल के अंदर लेकर गए.”

इस पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जो महिला जोर-जोर से हिलती दिख रही है, उसकी ये हालत कोरोना वैक्सीन लगवाने की वजह से नहीं हुई थी. इस महिला को लंबे समय से इस तरह के दौरे पड़ने की बीमारी थी.
सोशल मीडिया पर बहुत सारे लोग इस वीडियो को असली मान कर शेयर कर रहे हैं और कोरोना वैक्सीन न लगवाने की सलाह दे रहे हैं. वहीं कुछ लोग इस बात को लेकर सशंकित भी हैं कि क्या सचमुच कोरोना वैक्सीन लगवाने की वजह से इस महिला की ये हालत हुई.
क्या है सच्चाई
हमने पाया कि वायरल वीडियो की घटना को कोविड वैक्सीन से जोड़ने वाले एक ट्विटर यूजर की स्पैनिश भाषा में लिखी गई पोस्ट का जवाब देते हुए कुछ लोगों ने लिखा है कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि इस महिला की ये हालत कोरोना वैक्सीन लगवाने से हुई. कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि मासूम लोगों को कोरोना की वैक्सीन से डराने के लिए झूठ बोलने का चलन बंद होना चाहिए.

वीडियो को ध्यान से देखने पर हमें एक जगह दरवाजे पर ‘Hospital Raúl F. Larcade’ लिखा हुआ दिखाई देता है. हमने पाया कि ये अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स सूबे में स्थित एक अस्पताल का नाम है.

घटना के वक्त अस्पताल में मौजूद था एक ही डॉक्टर
हमें इंस्टाग्राम पर ‘Raúl F. Larcade’ अस्पताल के कर्मचारियों के संगठन का एक अकाउंट मिला. इस अकाउंट में 21 फरवरी 2021 को वायरल वीडियो शेयर किया गया था. यहां इस वीडियो के साथ स्पैनिश भाषा में कैप्शन लिखा है, जिसके अनुवाद का लब्बोलुआब ये है कि ये घटना 19 फरवरी 2021 की रात को हुई थी. उस वक्त अस्पताल में एक ही डॉक्टर मौजूद था जो दूसरे मरीजों का इलाज कर रहा था. ये वाकया स्टाफ की कमी के चलते हुआ. कुछ समय बाद डॉक्टर ने इस महिला का इलाज किया और वो ठीक हो गई.
महिला को कई बार पड़ चुके हैं ऐसे दौरे
‘एएफपी’ से बात करते हुए ‘Raúl F. Larcade’ अस्पताल के सर्जन सेबेस्टियन मोटरेल ने बताया, “वीडियो में नजर आ रही महिला का दौरे पड़ने का इतिहास रहा है और इस वजह से वो कई बार अस्पताल में भर्ती भी हो चुकी है. साथ ही, इस महिला को घटना के दिन तक कोविड-19 बीमारी की वैक्सीन भी नहीं लगी थी.”
अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर ग्लैडिस अमंतिया ने ‘एएफपी’ को बताया,“ ये वीडियो अस्पताल के वेटिंग रूम के बाहर 19 फरवरी 2021 को बनाया गया था. इस महिला को एमर्जेंसी रूम में भर्ती किया गया था. 26 फरवरी 2021 तक इस महिला का इलाज चला था.”
‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 4 मार्च 2021 तक दुनिया भर में कोविड-19 वैक्सीन की तकरीबन 27 करोड़ खुराक दी जा चुकी थीं.
यानी, ये बात साफ है कि लोगों को डराने और कोरोना वैक्सीन को लेकर उनके मन में भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से ऐसा कहा जा रहा है कि वायरल वीडियो में दिख रही अर्जेंटीना की महिला को कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद दौरा पड़ गया.