भारतीय उपन्यासकार, नाटककार, फिल्म और नाटक समीक्षक किरण नागरकर का 77 साल की आयु में मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया है. आपको बता दें, 2 सितंबर को उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था जिसके बाद उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया. वहीं इसी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. उन्होंने साहित्यिक जीवन को अपने 45 साल दिए.
किरण नागरकर का जन्म साल 1942 में हुआ. हालांकि उनकी जन्मतिथि के बारे में कोई जानकारी नहीं है. साल 1974 में उनका मराठी में पहला उपन्यास 'सात सक्कं त्रेचाळीस' प्रकाशित हुआ था. बता दें, इसी साल (2019) उन्होंने 'द आर्सेनिस्ट' नाम से उपन्यास लिखा जिसकी काफी चर्चा हुई थी.
Deeply saddened to learn of the passing of Kiran Nagarkar ji. Will always remember his gentle warm persona and his kind unconditional hospitality behind the mammoth status he beheld. Thank you for all your love and encouragement Sir...it’s a very, very sad day. #RIPKiranNagarkar pic.twitter.com/qooNYru7Sl
— Nimrat Kaur (@NimratOfficial) September 6, 2019
इसके बाद 'क्यूकोल्ड' (1997) में लिखी, जिसने उन्हें साल 2001 का साहित्य अकादमी पुरस्कार दिलाया और उन्हें अंग्रेजी में स्वतंत्रता के बाद के सबसे सम्मानित भारतीय लेखकों में शामिल कर दिया था.
किरण नागरकर की रचनाएं
- 'गॉड्स लिटिल सोल्जर'
- 'रावण एंड एडी'
- 'द एक्स्ट्रा'
Kiran Nagarkar is dead.
the man who wrote my favorite work of fiction (by some distance) : Cuckold. https://t.co/DEyMXroBwO
— prasanna (@thegymnosophist) September 5, 2019
- 'रेस्ट इन पीस'
- 'बेडटाइम स्टोरीज'
- 'द आर्सेनिस्ट'
किरण नागरकर ने बच्चों के लिए भी कई नाटक और स्क्रीनप्ले लिखे. उन्होंने विज्ञापन इंडस्ट्री के लिए भी काफी लिखा. जिसके के लिए उन्हें कई सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है.
हुए इन पुरस्कारों से सम्मानित
- 2001 का साहित्य अकादमी पुरस्कार 'क्यूकोल्ड' के लिए
- 2013 में 'द हिंदू लिटरेरी प्राइज' से सम्मानित किया गया था.