आप दशरथ मांझी को तो जानते ही होंगे, जिन्होंने 22 साल की लंबी मेहनत के बाद पहाड़ तोड़कर सड़क तैयार कर दी थी.
अब मिलिए IAS ऑफिसर आर्मस्ट्रॉन्ग पेम से, जिन्होंने मणिपुर निवासियों की परेशानी समझी और बिना सरकार की मदद लिए 100 किलोमीटर लंबी सड़क तैयार कर दी.
मणिपुर के दूरस्थ इलाके के दो गांव टूसेम और तमेंगलॉन्ग तक जाने के लिए सड़क नहीं थी, जिसकी सीधा असर जनजीवन पर पड़ रहा था. जिसके देखकर पेम ने सड़क बनाने की ठानी
5 साल पहले मणिपुर के दो इलाके में सड़क न होने के कारण वहां के लोगों को काफी दिक्कतें होती थीं. वहीं अगर किसी की तबीयत खराब हो जाती थी तो उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए बांस का छोटा सा स्ट्रेचर बनाना पड़ता था.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ये सड़क मणिपुर को असम और नागालैंड से जोड़ती है. सरकार की ओर से मदद न मिलने के बाद पेम ने सड़क बनवाने के लिए फेसबुक के जरिए 40 लाख रुपये इकट्ठा किए.
बता दें कि साल 2009 में परीक्षा पास करके पेम आईएएस बने और मणिपुर के टूसेम जिले में एसडीएम के पद पर उन्हें तैनाती मिली.
सरकार की ओर से मदद ना मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया की मदद ली. लोगों ने इस पहल को उम्मीद से ज्यादा समर्थन दिया.
सड़क बनाने के लिए पेम ने भी अपनी ओर से 5 लाख रुपये दान किए और इतना ही नहीं उनके माता-पिता ने भी अपनी पेंशन से कुछ पैसे सड़क बनवाने के लिए दिए.
देखते ही देखते लाखों लोगों ने पेम के इस सराहनीय कदम की तारीफ की.
कुछ ही दिनों में 40 लाख रुपयों का इंतजाम हो गया. जिसके सड़क 'पीपल्स रोड' तैयार हुई