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सरकार के इस फैसले से सैलरी तो बढ़ेगी, लेकिन एक झटका भी लगेगा!

सरकार के इस कदम से कर्मचारियों को फौरी राहत तो मिल जाएगी और उन्हें अगले तीन महीने तक इन हैंड सैलरी बढ़कर मिलेगी. लेकिन इसका दूसरा पहलू देखें तो अब टैक्स बचाने के लिए दूसरे उपाय भी करने पड़ सकते हैं.

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अगले तीन महीने तक 10 फीसदी ही पीएफ की राशि कटेगी (Photo: File)
अगले तीन महीने तक 10 फीसदी ही पीएफ की राशि कटेगी (Photo: File)

  • कर्मचारियों के भविष्य निधि योगदान 12% से घटाकर 10% कर दिया गया
  • सरकार के इस फैसले से 6750 करोड़ रुपये का लिक्विडिटी सपोर्ट मिलेगा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को बताया कि जिनकी सैलरी 15 हजार रुपये से ज्यादा है, उन्हें भी अगले तीन महीने तक राहत दी जाएगी. उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारियों के भविष्य निधि योगदान 12% से कम करके 10% कर दिया गया है. यानी अब अगले तीन महीने तक 10 फीसदी के हिसाब से पीएफ की रकम काटी जाएगी.

दरअसल, सरकार के इस कदम से कर्मचारियों को फौरी राहत तो मिल जाएगी और उन्हें अगले तीन महीने तक इन हैंड सैलरी बढ़कर मिलेगी. लेकिन इसका दूसरा पहलू देखें तो अब कर्मचारियों को इसके लाभ के बाद टैक्स बचाने के लिए दूसरे उपाय भी करने पड़ सकते हैं. सीधे तौर पर कहें तो निवेश के दूसरे रास्ते ढूंढने पड़ेंगे.

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टैक्स के मोर्चे पर लगेगा झटका

दरअसल वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार के इस फैसले से 6750 करोड़ रुपये का लिक्विडिटी सपोर्ट अगले तीन महीने के दौरान मिलेगा. अब अगले तीन महीने 12 फीसदी की जगह 10 फीसदी रकम एम्प्लॉयी और एम्पलॉयर की ओर से PF में डाले जाएंगे. यानी 2-2 फीसदी हर कर्मचारी के पीएफ कम कटेंगे. इससे अलगे तीन महीने तक इन हैंड सैलरी की रकम तो बढ़ जाएगी, लेकिन टैक्स सेविंग के मोर्चे पर झटका लग सकता है.

निवेश के लिए तलाशने होंगे विकल्प

क्योंकि पीएफ की रकम पर 80c के तहत आयकर छूट मिलती है. ऐसे में इन हैंड ज्यादा सैलरी आने से टैक्स का बोझ बढ़ सकता है. या फिर टैक्स बचाने के लिए PPF या VPF में निवेश करना पड़ेगा. हालंकि निवेश से भी वो फायदा नहीं मिलने वाला है जो कि एक कर्मचारी को PF पर मिलता है.

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बता दें, फिलहाल ईपीएफ पर 8.50 फीसदी सालाना ब्याज मिलता है, जबकि पीपीएफ पर 7.1 फीसदी ब्याज दर निर्धारित है. इसलिए अगर आप टैक्स बचाने के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो फिर अपनी कंपनी में एचआर से संपर्क कर VPF अकाउंट खुलवा सकते हैं, इसपर फिलहाल 8.5 फीसदी ब्याज मिल रहा है.

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