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Coronavirus बना महामारी तो दुनिया में फिर आ सकती है मंदी, Moody's की चेतावनी

Coronavirus अमेरिकी एजेंसी मूडीज एनालिटिक्स ने चेतावनी दी है कि अगर नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) एक महामारी का रूप लेता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर मंदी आ सकती है. कोराना का कहर अब चीन से बाहर फैल चुका है, जिसकी वजह से यह आशंका जाहिर की गई है.

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Coronavirus का असर अब कई देशों तक पहुंच गया है (फोटो: रॉयटर्स)
Coronavirus का असर अब कई देशों तक पहुंच गया है (फोटो: रॉयटर्स)

  • कोरोना का कहर चीन से बाहर कई देशों तक फैला
  • अगर यह महामारी बना तो होगा काफी नुकसान
  • इससे दुनिया की इकोनॉमी में आ सकती है मंदी
  • अमेरिकी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने दी है चेतावनी

अगर नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) एक महामारी का रूप लेता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी आ सकती है. मूडीज एनालिटिक्स ने यह चेतावनी दी है.

गौरतलब है कि कोराना का कहर अब चीन से बाहर फैल चुका है और दक्षि‍ण कोरिया में भी इससे बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा यह इटली, ईरान तक पहुंच चुका है.

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क्या कहा मूडीज ने

मूडीज ने बुधवार को कहा कि इस वायरस का प्रसार अब इटली व कोरिया में भी हो चुका है. ऐसे में इसके महामारी का रूप लेने की संभावना भी बढ़ गई है. मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी ने कोरोना वायरस के प्रभाव और परिदृश्यों पर एक टिप्पणी में कहा कि कोरोना वायरस चीनी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है, जो अब पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बना चुका है.

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यह धारणा कि चीन में वायरस लगातार बढ़ रहा है, जिससे महामारी के आसार बढ़ रहे हैं. न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक अमेरिकी एजेंसी ने कहा, 'हमने पहले 20 फीसदी महामारी की आशंका जाहिर की थी, जिसे अब हमने 40 फीसदी कर दिया है.'

रहना होगा तैयार

अगर वायरस ने महामारी का रूप ले लिया तो यह इस वर्ष की पहली छमाही के दौरान वैश्विक और अमेरिकी मंदी का कारण बनेगी. मूडीज के एनालिटिक्स ने कहा, 'हम सभी उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसा न हो, लेकिन अगर यह हो जाए तो तैयार रहना ही समझदारी है.'

क्या हुआ है असर

वायरस की वजह से चीनी व्यापार थम सा गया है. यहां पर्यटन पर भी काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. वैश्विक एयरलाइंस चीन में नहीं जा रही हैं और अधिकांश समुद्री जहाजों ने भी एशिया-प्रशांत मार्गों को स्थगित कर दिया है.

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यह अमेरिका सहित प्रमुख यात्रा स्थलों के लिए एक बड़ी समस्या है, जहां हर साल लगभग 30 लाख चीनी पर्यटक आते हैं. अमेरिका में चीनी पर्यटक किसी भी विदेशी पर्यटकों के सबसे बड़े खर्च करने वालों में से हैं.

एजेंसी ने कहा कि यूरोप में मिलान, इटली जैसी जगहों पर भी पयर्टन का प्रभावित होना निश्चित है, जो देश में नए संक्रमण के मामलों का केंद्र भी है.

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मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि बंद कारखाने चीन की मैन्युफैक्चरिंग आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भर देशों और कंपनियों के लिए समस्या हैं. एप्पल, नाइक और जनरल मोटर्स ऐसी अमेरिकी कंपनियां हैं, जो इससे प्रभावित हैं.

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