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अब प्राइवेट बैंक भी कर सकेंगे टैक्स, पेंशन भुगतान जैसे सरकारी लेनदेन, ‘आत्मनिर्भर भारत’ में बनेंगे भागीदार

अभी तक सरकार के बैंकिंग लेनदेन का काम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को करने की ही अनुमति थी. एक-दो निजी बैंकों को भी इसके लिए सशर्त अनुमति थी. लेकिन अब सरकार ने इन प्राइवेट बैंकों पर लगे ऐसे एम्बार्गों को हटा दिया है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Photo : File) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Photo : File)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत के विकास में बराबर के साथी बनेंगे निजी बैंक
  • निजी बैंक कर सकेंगे विभिन्न सरकारी सेवाओं की पेशकश

अभी तक सरकार के बैंकिंग लेनदेन का काम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को करने की ही अनुमति थी. एक-दो निजी बैंकों को भी इसके लिए सशर्त अनुमति थी. लेकिन अब सरकार ने इन प्राइवेट बैंकों पर लगे ऐसे एम्बार्गों को हटा दिया है.

वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले वित्तीय सेवा विभाग ने बुधवार को ट्वीट कर जानकारी दी कि निजी बैंकों पर लगे सरकारी बैंकिंग लेनदेन की रोक को हटा दिया गया है. 

कर सकेंगे सरकारी सेवाओं की पेशकश
विभाग ने कहा कि अब प्राइवेट सेक्टर के बैंक भी सरकार की टैक्स या अन्य राजस्व भुगतान सेवाओं, पेंशन भुगतान और लघु बचत योजनाओं की पेशकश कर सकेंगे. सरकार के इस निर्णय से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भी अवगत करा दिया गया है.

भारत के विकास में बराबर के साथी
इस बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी ट्ववीट किया. उन्होंने कहा, ‘‘निजी बैंक अब सरकारी बैंकों के साथ बनेंगे देश के विकास में बराबर के साथी. निजी बैंकों के ऊपर सरकारी व्यवसाय पर लगी रोक हटी. उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर सेवाएँ व सुविधाएं. सरकार के सामाजिक और वित्तीय समावेश योजनाओं में निजी बैंक भी होंगे भागीदार.’’

आत्मनिर्भर भारत में भागीदार
वित्तीय सेवा विभाग ने कहा कि निजी बैंक बैंकिंग क्षेत्र में नवोन्मेष और नवीनतम प्रौद्योगिकी को लाने में आगे रहते हैं. अब वे देश की अर्थव्यवस्था के विकास और सरकार की सामाजिक पहलों को आगे पहुंचाने में भी बराबर के भागीदार होंगे.

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