ईरान का हमले से इनकार... फिर किसने किया इन 4 मुस्लिम देशों पर मिसाइल अटैक?

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी जंग अब कई देशों तक फैलती दिख रही है. अजरबैजान, ओमान, तुर्की और साइप्रस में ड्रोन और मिसाइल घटनाओं से तनाव बढ़ा है. कई आरोप ईरान पर लगे, लेकिन तेहरान ने इन्हें खारिज कर "फॉल्स फ्लैग" साजिश बताया.

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ईरान ने ओमान, तुर्की, साइप्रस और अब अजरबैजान में हमले से इनकार किया है. (Image: Social media) ईरान ने ओमान, तुर्की, साइप्रस और अब अजरबैजान में हमले से इनकार किया है. (Image: Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:57 PM IST

ईरान में अमेरिका और इजरायल की जंग अब पूरे क्षेत्र में फैलती दिख रही है. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सीरिया और इराक तक हमलों की खबरें सामने आ रही हैं. कई देशों में ड्रोन और मिसाइल गिरने की घटनाएं हुई हैं. कुछ जगहों पर सैन्य ठिकाने निशाने पर आए हैं, तो कहीं एयरपोर्ट और बंदरगाह के पास धमाके हुए हैं. हालांकि कई मामलों में यह साफ नहीं हो पाया है कि हमले किसने किए. ईरान ने कई आरोपों से साफ इनकार किया है और कुछ घटनाओं को "फॉल्स फ्लैग" यानी झूठे बहाने से किए गए हमले बताया है. आइए एक-एक कर समझते हैं.

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1. अजरबैजान: एयरपोर्ट के पास ड्रोन गिरने पर विवाद

अजरबैजान ने आरोप लगाया कि उसके नखचिवान इलाके में एयरपोर्ट के पास दो ड्रोन गिरे, जो ईरान की दिशा से आए थे. इस घटना में दो नागरिक घायल हुए. इसके बाद अजरबैजान ने ईरान पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया.

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लेकिन ईरान की सशस्त्र बलों की जनरल स्टाफ ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी सेना ने अजरबैजान की ओर कोई ड्रोन नहीं भेजा. ईरान ने कहा कि वह अजरबैजान की संप्रभुता का सम्मान करता है. साथ ही ईरान ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह मुस्लिम देशों के बीच रिश्ते खराब करने के लिए इस तरह की साजिश कर रहा है. ईरान के अनुसार यह घटना क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने की कोशिश हो सकती है.

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2. ओमान: ड्रोन गिराए जाने के बाद ईरान का इनकार

ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि दक्षिणी धोफर इलाके में दो ड्रोन को रोका गया, जबकि एक ड्रोन सलालाह बंदरगाह के पास गिरा. हालांकि इस घटना में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ.

कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह हमला ईरान की तरफ से हो सकता है. लेकिन ईरान ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया. ईरानी सेना के मुख्यालय ने कहा कि ओमान उसका "दोस्त और पड़ोसी" देश है और उस पर कोई सैन्य हमला नहीं किया गया. ईरान ने कहा कि इस तरह की खबरें गलत हैं और क्षेत्र में भ्रम फैलाने की कोशिश हैं.

3. तुर्की: नाटो ने रोकी बैलिस्टिक मिसाइल, ईरान ने कहा झूठा आरोप

4 मार्च को तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि नाटो की हवाई और मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका, जो तुर्की की हवाई सीमा की ओर बढ़ रही थी. इसके बाद यह सवाल उठा कि मिसाइल किसने दागी.

तुर्की की ओर से संकेत मिले कि यह मिसाइल ईरान से आ सकती है. लेकिन 5 मार्च को ईरान ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी कर कहा कि उसने तुर्की की ओर कोई मिसाइल नहीं छोड़ी. तेहरान ने कहा कि वह तुर्की की संप्रभुता का सम्मान करता है और उसका वहां हमला करने का कोई इरादा नहीं है. ईरान ने इन आरोपों को निराधार बताया.

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4. साइप्रस: ब्रिटिश एयरबेस पर हमला और 'फॉल्स फ्लैग' का आरोप

2 मार्च को साइप्रस के अक्रोटिरी स्थित ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स बेस पर ड्रोन हमला हुआ. इसके बाद कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि यह हमला ईरान से जुड़ा हो सकता है.

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लेकिन ईरान ने इस आरोप से साफ इनकार किया. तेहरान ने कहा कि यह "फॉल्स फ्लैग" ऑपरेशन हो सकता है, जिसका मकसद क्षेत्र में तनाव और बढ़ाना है. 5 मार्च को ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने भी कहा कि जो ड्रोन इस्तेमाल हुआ वह "शाहिद जैसे" मॉडल का था, लेकिन उसे ईरान से लॉन्च नहीं किया गया था. इससे यह साफ नहीं हो पाया कि असली जिम्मेदार कौन है.

इन घटनाओं से साफ है कि जंग अब कई देशों को अपनी चपेट में ले रही है. कुछ हमलों की जिम्मेदारी तय नहीं हो पा रही है, जिससे भ्रम और तनाव बढ़ रहा है. ईरान का कहना है कि उसके नाम पर झूठे हमले दिखाकर माहौल खराब किया जा रहा है. दूसरी तरफ प्रभावित देश सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं.

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