रूस पर लगे प्रतिबंधों को लेकर झल्लाया पाकिस्तान, हो रहा ये बड़ा नुकसान

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार का कहना है कि रूस पर जब से पश्चिमी देशों ने प्रतिबंध लगाए हैं, तभी से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं. इस तेल संकट का पाकिस्तान पर बुरा असर पड़ा है. पाकिस्तान को अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए महंगा तेल खरीदने को मजबूर होना पड़ा है.

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (photo: reuters) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (photo: reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2022,
  • अपडेटेड 10:10 AM IST
  • रूस पर प्रतिबंधों का पाकिस्तान पर बुरा असर
  • पाकिस्तान ने कहा, प्रतिबंधों का खामियाजा भुगतना पड़ेगा

यूक्रेन पर हमले के बाद से पश्चिमी देशों के रूस पर लगाए प्रतिबंधों से अब पाकिस्तान की चिंता बढ़ गई है. पाकिस्तान का कहना है कि इन प्रतिबंधों का असर पाकिस्तान सहित कई विकासशील देशों पर पड़ा है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार ने कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का असर पाकिस्तान सहित कई देशों पर पड़ा है.

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उन्होंने इस्लामाबाद में पिछले हफ्ते एक वीकली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर कहा कि रूस पर प्रतिबंधों का नकारात्मक असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है. यह स्थिति पेचीदी होती जा रही है और आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा रही है.

पाकिस्तान को पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का डर

रूस पर प्रतिबंधों के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही है. इस तेल संकट का अन्य विकासशील देशों की तरह पाकिस्तान पर बुरा असर पड़ा है. 

वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि अगर पाकिस्तान रूस से तेल उत्पाद आयात करने की कोशिश करता है तो उसके सामने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का जोखिम है. पाकिस्तान पश्चिमी प्रतिबंधों के डर से अरबों डॉलर की ईरान, पाकिस्तान गैस पाइपलाइन परियोजना पूरी नहीं कर पाया.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के ब्रिक्स सम्मेलन से पहले एक बिजनेस फोरम में रूस पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को खारिज करने के बयान के बारे में पूछने पर इफ्तिखार ने स्वीकार किया कि रूस पर पश्चिमी देशों की पाबंदी से पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियां बढ़ी हैं.

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उन्होंने कहा, सैद्धांतिक रूप से इन पाबंदियों को लेकर हमारा ऐतिहासिक रुख सबको पता है. हमारा मानना है कि अगर प्रतिबंध लगाना ही था तो संयुक्त राष्ट्र के जरिये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध मैकेनिज्म के जरिये इन प्रतिबंधों को लगाना चाहिए था. 

महंगा तेल खरीदने को मजबूर

इफ्तिखार ने कहा, यूक्रेन में स्थिति को लेकर हमने शुरुआत से ही हमारे रुख को स्पष्ट किया है, जिसमें कोई बदलाव नहीं आया है. यह स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके कई खामियाजे भुगतने पड़ेंगे, जिनका अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर गंभीर प्रबाव पड़ा है, विशेष रूप से पाकिस्तान जैसे विकासशील देशों पर. 

उन्होंने कहा कि शायद इन प्रतिबंधों के नतीजे और भयंकर हो सकते हैं.

बता दें कि उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ी हैं और पाकिस्तान जैसे देशों को अपनी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए महंगा तेल खरीदने को मजबूर होना पड़ा है.

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