ईरान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार 'तेहरान टाइम्स' ने शनिवार को अपने फ्रंट पेज पर अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए किसी भी संभावित जमीनी हमले के खिलाफ खुली चेतावनी जारी की. अखबार ने साफ कहा कि अगर विदेशी सैनिक ईरानी जमीन पर कदम रखते हैं, तो वे सिर्फ 'ताबूतों में ही लौटेंगे'. तेहरान टाइम्स के फ्रंट पेज पर 'वेलकम टू हेल' (Welcome To Hell) हेडलाइन के साथ पब्लिश यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका ईरान में जमीनी सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहा है.
तेहरान टाइम्स की स्थापना 1979 में की गई थी, जिसे 'इस्लामी क्रांति की आवाज' घोषित किया गया था. इस अखबार को ईरान की सरकार द्वारा नियंत्रित माना जाता है. इसलिए इसमें प्रकाशित खबरों, लेखों और विचारों को ईरान के इस्लामी शासन की ही आवाज माना जा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में लिमिटेड ग्राउंड ऑपरेशन को लेकर वॉशिंगटन में चर्चा चल रही है. डोनाल्ड ट्रंप कथित तौर पर ईरान में स्पेशल मिशन के लिए सीमित संख्या में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती में रुचि दिखा चुके हैं, हालांकि इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
मिलिट्री प्लानिंग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, अगर ईरान के पास मौजूद उच्च संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium) को अमेरिका हासिल करना चाहता है, तो उसे बड़े पैमाने पर जमीनी सैनिकों की तैनाती करनी पड़ सकती है, क्योंकि यह सामग्री गहरे भूमिगत ठिकानों में सुरक्षित रखी गई है. हालांकि, ईरान लगातार चेतावनी देता रहा है कि किसी भी जमीनी हमले की अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. अब तेहरान टाइम्स ने इस रुख को और तीखा करते हुए सीधे तौर पर अमेरिका को सख्त संदेश दिया है.
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ग्राउंड ऑपरेशन का दांव पड़ सकता है उल्टा
अखबार के फ्रंट पेज के विजुअल प्रेजेंटेशन ने भी इस चेतावनी की गंभीरता को और बढ़ा दिया. इसमें भारी हथियारों से लैस सैनिकों को एक सैन्य विमान की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया है, जो संभावित तैनाती और टकराव का प्रतीक है. यह तस्वीर और बोल्ड हेडलाइन मिलकर स्पष्ट संकेत देते हैं कि ईरान किसी भी जमीनी कार्रवाई का जोरदार जवाब देने के लिए तैयार है. तेहरान टाइम्स ने इस चेतावनी को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के व्यापक संदर्भ में पेश किया है. ईरान में हजारों की संख्या में अमेरिकी सैनिकों की संभावित तैनाती को तेहरान और उसके क्षेत्रीय विरोधियों के बीच जारी संघर्ष के बीच सैन्य विकल्पों को विस्तार देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
अखबार के पहले पन्ने पर कई ऐसे दृष्टिकोण भी शामिल किए गए हैं, जिनमें जमीनी हमले के खिलाफ चेतावनी दी गई है. इनमें कहा गया है कि अमेरिका का यह कदम उल्टा पड़ सकता है, उसको लंबे और जटिल युद्ध में फंसा सकता है और व्यापक भू-राजनीतिक व आर्थिक संकट को जन्म दे सकता है. तेहरान टाइम्स ने ईरान में जमीनी कार्रवाई को अमेरिका के लिए 'दलदल' में फंसने जैसी स्थिति बताया है. अखबार ने जमीनी कार्रवाई को लेकर चेतावनी दी है कि अमेरिका को बड़ी संख्या में अपने सैनिकों से हाथ धोना पड़ सकता है.
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ईरान की जमीनी सैन्य क्षमताएं काफी मजबूत
रिपोर्ट में यह भी तर्क दिया गया कि ईरान की जमीनी सैन्य क्षमताएं काफी मजबूत हैं और लंबे समय तक अपनी सरजमीं की रक्षा करने में सक्षम हैं. इसके अलावा, रिपोर्ट में क्षेत्रीय प्रभावों की भी ओर इशारा किया गया है. इसमें कहा गया कि अगर संघर्ष बढ़ता है, तो ईरान के सहयोगी समूह (हिज्बुल्लाह, हूती, हमास जैसे संगठन) भी सक्रिय हो सकते हैं, जिससे यह युद्ध ईरान की सीमाओं से बाहर फैल सकता है. तेहरान टाइम्स में अपनी इस रिपोर्ट में वैश्विक व्यापार मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को भी प्रमुखता से उठाया है.
इसमें कहा गया है कि ईरान से जुड़ा कोई भी सैन्य टकराव अहम समुद्री मार्गों को प्रभावित कर सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से जमीनी हमले की संभावना को कमतर बताया है और कूटनीतिक रास्ते खुले होने की बात कही है, लेकिन तेहरान टाइम्स के इस रुख से साफ है कि तेहरान में वॉशिंगटन की मंशा को लेकर गहरा अविश्वास है. अखबार का यह संदेश ईरान की बढ़ती सतर्कता और विदेशी सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ कड़े रुख को दर्शाता है. रिपोर्ट की तीखी भाषा और प्रतीकात्मक तस्वीरों के जरिए तेहरान टाइम्स का संकेत स्पष्ट है कि जमीनी युद्ध की ओर कोई भी कदम संघर्ष को और ज्यादा खतरनाक और अनिश्चित बना सकता है.
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