अमेरिका के विदेश मंत्रालय (स्टेट डिपार्टमेंट) ने 75 देशों से आने वाले आवेदकों के वीजा प्रोसेसिंग को पूरी तरह रोक दिया है. इन देशों में रूस, अफगानिस्तान, ईरान, इराक, नाइजीरिया और ब्राजील जैसे नाम शामिल हैं. ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि इस कदम का मुख्य कारण उन आवेदकों पर कड़ी नजर रखना है, जिन्हें अमेरिका में 'पब्लिक चार्ज' (सरकारी सहायता पर निर्भर) बनने की संभावना ज्यादा मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि ये पाबंदियां 21 जनवरी से लागू होंगी और अनिश्चित काल तक लागू रहेंगी.
विभाग द्वारा जारी एक मेमो के अनुसार, ये कदम उन आवेदकों को रोकने के लिए उठाया गया है, जिनके 'पब्लिक चार्ज' यानी सरकारी सहायता पर निर्भर होने की संभावना है. विभाग अब वीजा स्क्रीनिंग और जांच की प्रक्रियाओं का पुनर्मूल्यांकन करेगा. ये रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक नई सुरक्षा प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जाती.
विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट के मुताबिक, अमेरिका अपनी पुरानी शक्ति का इस्तेमाल उन लोगों को रोकने के लिए करेगा जो अमेरिकी जनता का फायदा उठाकर वेलफेयर पर निर्भर हो जाते हैं.
इन देशों पर गिरी गाज
ट्रंप प्रशासन द्वारा जिन देशों के नागरिकों की एंट्री पर बैन लगाया है. उस में सोमालिया, रूस, अफगानिस्तान, ब्राजील, ईरान, इराक, मिस्र, नाइजीरिया, थाईलैंड, यमन और अन्य देश शामिल हैं.
प्रशासन का कहना है कि सोमालिया विशेष रूप से अमेरिकी अधिकारियों की कड़ी निगरानी में है. मिनेसोटा में सामने आए एक बड़े धोखाधड़ी घोटाले के बाद ये सख्ती बढ़ाई गई है, जहां टैक्सपेयर्स के पैसे से चलने वाले बेनेफिट प्रोग्राम्स का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग पाया गया था.
फेडरल जांच में ये सामने आया कि हजारों लोग फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी सहायता ले रहे थे.
स्क्रीनिंग के निमयों को किया सख्त
वहीं, नवंबर 2025 में जारी निर्देशों के बाद अब काउंसलर अधिकारी स्वास्थ्य, उम्र, अंग्रेजी भाषा की जानकारी न होने और वित्तीय स्थिति के आधार पर वीजा खारिज कर सकते हैं. नए नियमों के तहत बुजुर्गों या अधिक वजन वाले (overweight) आवेदकों को भी वीजा देने से मना किया जा सकता है.
इसके अलावा यदि किसी ने अतीत में सरकारी नकद सहायता ली है या लंबे वक्त तक इलाज की जरूरत पड़ने की संभावना है तो उन्हें अमेरिका में एंट्री नहीं मिलेगी. प्रशासन का टारगेट ऐसे विदेशी नागरिकों को रोकना है जो अमेरिका के सार्वजनिक संसाधनों पर बोझ बन सकते हैं.
पुराने नियमों में बदलाव
बता दें कि अमेरिका में इमिग्रेशन कानून में 'पब्लिक चार्ज' का प्रावधान दशकों से है, लेकिन अलग-अलग सरकारों ने इसे अपने तरीके से लागू किया है. साल 2022 में बाइडन प्रशासन ने इसके दायरे को सीमित कर दिया था, लेकिन अब इसे फिर से विस्तार दिया जा रहा है. इस नई रोक में छूट के मामले बहुत सीमित होंगे और वे केवल पब्लिक चार्ज की शर्तों को पूरा करने के बाद ही वीजा दिया जाएगा. ट्रंप प्रशासन ने 2019 में भी इस परिभाषा को व्यापक बनाया था, जिसे बाद में अदालतों में चुनौती दी गई थी.
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