US रिपोर्ट में फिर पहलगाम की चर्चा... पाकिस्तान को क्यों चुनौती मान रहा अमेरिका?

अमेरिकी रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि पाकिस्तान, चीन-रूस के साथ मिलकर लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा है. भारत-पाक तनाव और परमाणु संघर्ष का खतरा अभी भी बरकरार है.

Advertisement
साउथ एशियाई देशों को लेकर चिंतित है अमेरिका (Photo: AP) साउथ एशियाई देशों को लेकर चिंतित है अमेरिका (Photo: AP)

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 19 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:56 AM IST

अमेरिका के ताज़ा खतरे के आकलन में चेतावनी दी गई है कि चीन, रूस, उत्तरी कोरिया और ईरान के साथ मिलकर पाकिस्तान ICBMs सहित ऐसा आधुनिक मिसाइल सिस्टम बना रहा है, जो अपने इलाके से बाहर के टार्गेट्स पर हमला करने में सक्षम हैं. अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा है कि पाकिस्तान का यह सिस्टम अमेरिका तक मिसाइल हमला कर सकता है.

Advertisement

बुधवार को यूनाइटेड स्टेट्स सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के सामने 2026 का वार्षिक खतरा आकलन पेश करते हुए, तुलसी गैबार्ड ने कहा, “रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड वाले कई नए, एडवांस या पारंपरिक मिसाइल डिलीवरी सिस्टम पर रिसर्च और डेवलप्मेंट कर रहे हैं, जिनकी मारक सीमा का दायरा हमारे देश तक है.”

रिपोर्ट में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ये सभी देश अपने परमाणु हथियारों को एडवांस बना रहे हैं और लंबी दूरी वाले, ज़्यादा सटीक डिलीवरी सिस्टम में इन्वेस्ट कर रहे हैं, जिन्हें मिसाइल डिफेंस सिस्टम से बचने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

इंडिया-पाक और पहलगाम का जिक्र

रिपोर्ट में कहा गया है, “भारत-पाकिस्तान संबंध परमाणु संघर्ष का जोखिम बने हुए हैं, खासकर पिछली लड़ाइयों को देखते हुए जिनमें ये दोनों परमाणु संपन्न देश आमने-सामने आए थे, जिससे तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था.” 

Advertisement

इस दौरान में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ज़िक्र किया गया है और इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ऐसी घटनाएं भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ने का खतरा पैदा करती रहती हैं.

रिपोर्ट कहा गया, "पिछले एक साल के दौरान, दक्षिण एशिया अमेरिका के लिए लगातार सुरक्षा चुनौतियों का एक सोर्स बना रहा. भारत-पाकिस्तान संबंध परमाणु संघर्ष का रिस्क बने हुए हैं, खासकर पिछले संघर्षों को देखते हुए जिनमें ये दोनों परमाणु संपन्न देश आमने-सामने आ गए थे, जिससे तनाव बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था. पिछले साल भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में पहलगाम के पास हुए आतंकवादी हमले ने यह दिखा दिया कि आतंकवादी हमले किस तरह संघर्ष की चिंगारी भड़का सकते हैं." 

यह भी पढ़ें: तुलसी गबार्ड ने खोल दी ट्रंप के दावे की पोल? ईरान के परमाणु पर अमेरिका बड़ा कुबूलनामा

'ट्रंप के दखल से...'

रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप के हस्तक्षेप से हालिया परमाणु तनाव कम हुआ और हमारा आकलन है कि दोनों में से कोई भी देश खुले संघर्ष की ओर लौटना नहीं चाहते. लेकिन ऐसी परिस्थितियां अभी भी मौजूद हैं, जिनमें आतंकवादी तत्व संकट पैदा करने वाले हालात बनाते रह सकते हैं.

Advertisement

हालांकि, तनाव कुछ वक्त के लिए कम हो गया है, फिर भी रिपोर्ट चेतावनी देती है कि ज़मीनी हालात अभी भी अस्थिर बने हुए हैं. आतंकी गुट अभी भी इन दो परमाणु-सशस्त्र पड़ोसी देशों के बीच भविष्य में संकट पैदा करने की क्षमता रखते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement