अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा है कि पिछले सप्ताह ईरानी समुद्री मार्गों की नाकाबंदी शुरू होने के बाद से अमेरिकी बलों ने 27 जहाजों को रास्ता बदलने या ईरानी बंदरगाहों पर लौटने का आदेश दिया है. अमेरिकी सैन्य बयान के मुताबिक, उन जहाजों को रोका गया है जो ईरानी बंदरगाहों या तटीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं.
अमेरिकी सेना ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें हेलीकॉप्टर पर तैनात मशीन गनर एक कार्गो जहाज को वापस लौटने की चेतावनी देता दिखाई दे रहा है.
एक्स (X) पर साझा किए गए वीडियो में एक सैनिक भारी हथियार ताने हुए रेडियो पर चेतावनी देता है कि जहाज प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है. संदेश में वो कहता है, 'यह यूनाइटेड स्टेट्स वॉरशिप 115 है. आप सैन्य नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं.'
चेतावनी में आगे कहा गया कि यह नाकाबंदी सभी जहाजों पर लागू होती है, चाहे उनका झंडा किसी भी देश का हो. अगर कोई जहाज इससे बचने की कोशिश करेगा तो अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बल प्रयोग कर उसे रोका जा सकता है.
ईरानी जहाज पर अमेरिकी मरीन का ऑपरेशन
अमेरिकी बलों ने अरब सागर में ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज टूस्का (Touska) पर चढ़ाई की कार्रवाई की भी पुष्टि की है. CENTCOM के अनुसार, 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के मरीन सैनिक USS त्रिपोली से भेजे गए.
ईरानी जहाज को कई घंटे चेतावनी दी लेकिन जब जहाज अपने तय रास्ते से नहीं मुड़ा तो अमेरिकी सैनिक रस्सियों के सहारे जहाज पर उतरे और उसे कब्जा लिया.
बताया गया कि गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर USS स्प्रुएंस ने छह घंटे तक चेतावनी देने के बाद जहाज के प्रोपल्शन सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया. इसके बाद जहाज पर कब्जा कर उसे अमेरिकी नियंत्रण में ले लिया गया. सैन्य अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को पेशेवर और संतुलित कार्रवाई करार दिया है.
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर लगा लगाम
जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से केवल 16 जहाज गुजरे, जो सामान्य से काफी कम है.
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, नौ जहाज स्ट्रेट में दाखिल हुए, जबकि सात बाहर निकले. इनमें कुछ ईरानी झंडे वाले जहाज भी शामिल थे. कुछ ऑपरेटरों ने कथित तौर पर ट्रांसपोंडर बंद कर दिए या सिग्नल बदल दिए, जिससे उनकी पूरी जानकारी हासिल करनी मुश्किल हो गई.
हालांकि जहाजों की आवाजाही जारी है, लेकिन शिपिंग कंपनियों का कहना है कि दोनों पक्षों की पाबंदियों के कारण यातायात बेहद सीमित बना हुआ है.
समुद्री ट्रैकिंग डेटा से संकेत मिलता है कि हालिया रुकावटों के बाद केवल कुछ ही जहाज इस रास्ते से गुजर पाए हैं. इससे खाड़ी क्षेत्र में शिपिंग कंपनियों की बढ़ती सतर्कता साफ दिखती है.
हालांकि ईरान ने कुछ समय के लिए जलमार्ग खोलने का संकेत दिया था, लेकिन ईरान से जुड़े जहाजों पर अमेरिकी प्रतिबंध अब भी लागू हैं, जिससे आवाजाही की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
ईरान ने अमेरिका पर समुद्री डकैती का आरोप लगाया
ईरान की सेना ने टूस्का जहाज पर कब्जे की पुष्टि करते हुए अमेरिका पर युद्धविराम का उल्लंघन और 'समुद्री डकैती' करने का आरोप लगाया है. तेहरान ने कहा कि अमेरिकी बलों ने जहाज पर गोलीबारी की, उसका नेविगेशन सिस्टम निष्क्रिय कर दिया और फिर मरीन सैनिकों को जहाज पर उतारा.
ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है. 22 अप्रैल को खत्म हो रहे युद्धविराम से पहले दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता भी होनी थी लेकिन ईरानी जहाज पर कब्जे से बातचीत पर संशय बना हुआ है.
आजतक इंटरनेशनल डेस्क