ईरान का रौद्र रूप... अमेरिका के ताकतवर USS अब्राहम लिंकन पर दागी मिसाइलें!

ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका का यह विमानवाहक पोत ईरान की मिसाइल रेंज में आया, तो सेना की नौसेना उसे निशाना बनाएगी. उन्होंने कहा कि इस जहाज पर लगातार नजर रखी जा रही है.

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ईरान ने दावा किया है कि उसने USS अब्राहम लिंकन पर जबरदस्त हमला किया है. (File Photo: US Navy) ईरान ने दावा किया है कि उसने USS अब्राहम लिंकन पर जबरदस्त हमला किया है. (File Photo: US Navy)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:08 PM IST

ईरान जंग को एक महीना पूरा होने जा रहा है. इस बीच ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की ओर क्रूज मिसाइल दागी है. यह जानकारी ईरानी सरकारी टेलीविजन ने दी है. हालांकि अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई.

ईरानी सेना के जनसंपर्क विभाग के अनुसार, क्रूज मिसाइलें अमेरिकी विमानवाहक पोत की दिशा में दागी गईं. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. यह घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है, जब हाल ही में ईरानी नौसेना ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी थी कि यूएसएस अब्राहम लिंकन पर उनकी कड़ी नजर है और यदि वह ईरानी क्षेत्र के करीब आता है, तो उसे निशाना बनाया जा सकता है.

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ईरानी नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका का यह विमानवाहक पोत ईरान की मिसाइल रेंज में आया, तो सेना की नौसेना उसे निशाना बनाएगी. उन्होंने कहा कि इस जहाज पर लगातार नजर रखी जा रही है.

इस चेतावनी के साथ-साथ ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका के प्रभाव को भी खारिज किया. प्रेस टीवी के अनुसार, खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोलफकारी ने कहा कि अमेरिका की तथाकथित रणनीतिक शक्ति अब रणनीतिक हार में बदल चुकी है.

ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट्स पर हमले की अपनी 48 घंटे की चेतावनी से पीछे हटते हुए नरमी दिखाई है. बताया जाता है कि यह बदलाव तब आया जब ईरान ने चेतावनी दी कि किसी भी हमले के जवाब में वह पूरे क्षेत्र में ऊर्जा और बिजली ढांचे पर पलटवार करेगा.

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अमेरिका के इस बदले रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए जोलफकारी ने कहा कि अगर दुनिया की स्वयंभू महाशक्ति इस स्थिति से निकल सकती, तो अब तक निकल चुकी होती. अपनी हार को समझौता मत कहिए.

उनकी यह टिप्पणी ट्रंप के उस दावे का भी खंडन करती है, जिसमें उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा था कि दोनों देशों के बीच पिछले दो दिनों में बहुत अच्छी और रचनात्मक बातचीत हुई है.

हालांकि, प्रेस टीवी ने तेहरान के एक सूत्र के हवाले से कहा कि दोनों पक्षों के बीच कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हुई है. जोलफकारी ने भी यही रुख दोहराते हुए कहा कि अब वॉशिंगटन के आश्वासनों पर भरोसा करने का दौर खत्म हो चुका है. उन्होंने कहा कि आपके वादों का दौर खत्म हो गया है. आज दुनिया में सिर्फ दो पक्ष हैं, सत्य और असत्य और सत्य की तलाश करने वाला कोई भी व्यक्ति आपकी मीडिया की चालों में नहीं फंसेगा.

उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के अंदरूनी मतभेदों पर भी कटाक्ष किया और पूछा कि क्या आपसी टकराव का स्तर इतना बढ़ गया है कि आप खुद से ही बातचीत करने लगे हैं? जोलफकारी ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में अमेरिका के पुराने निवेश और ऊर्जा कीमतें अब वापस नहीं आएंगी और अब क्षेत्रीय स्थिरता ईरान की सैन्य ताकत से तय होती है.

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उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता हमारी सशस्त्र सेनाओं के मजबूत हाथों से सुनिश्चित होती है और इस स्थिति को शक्ति के माध्यम से स्थिरता बताया. उन्होंने आगे कहा कि जब तक ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का विचार पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक पहले जैसी स्थिति वापस नहीं आएगी.

उन्होंने अंत में कहा कि पहले दिन से हमारा एक ही संदेश रहा है और आगे भी रहेगा. हम जैसे लोग आपके जैसे लोगों से समझौता नहीं करेंगे, न अभी और न कभी.

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