मिडिल ईस्ट में जंग के बीच कुद्स दिवस... 1979 से मुस्लिम एकजुटता और प्रतिरोध की वैश्विक पहचान

कुद्स दिवस के दौरान ईरान के कई बड़े शहरों जैसे तेहरान, मशहद, इस्फहान, कुम और तबरीज में विशाल रैलियां निकाली जाएंगी. सबसे बड़ी रैली तेहरान यूनिवर्सिटी से आजादी स्क्वेयर तक निकाले जाने वाले मार्च के रूप में हो सकती है.

Advertisement
रमजान के आखिरी जुमे को ईरान में क़ुद्स दिवस भी कहा जाता है. (File Photo) रमजान के आखिरी जुमे को ईरान में क़ुद्स दिवस भी कहा जाता है. (File Photo)

सुमित चौधरी

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 1:08 AM IST

रमजान का आखिरी जुमे जिसे ईरान में क़ुद्स दिवस भी कहा जाता है. 2026 में कुद्स दिवस 13 मार्च को मनाया जा रहा है. यह दिन ऐसे समय में आ रहा है, जब मिडिल ईस्ट में तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है. मौजूदा समय में रैलियां और प्रदर्शन क्षेत्रीय राजनीति के कारण और भी अधिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं.

ईरान, इराक, लेबनान, पाकिस्तान, भारत और कई यूरोपीय देशों में भी क़ुद्स डे के मौके पर प्रदर्शन और सभाएं आयोजित की जाती हैं. इन आयोजनों में फिलिस्तीन के समर्थन में भाषण, रैलियां और जनसभाएं होती हैं.

Advertisement

ईरान के कई बड़े शहरों जैसे तेहरान, मशहद, इस्फहान, कुम और तबरीज में विशाल रैलियां निकाली जाएंगी. सबसे बड़ी रैली तेहरान यूनिवर्सिटी से आजादी स्क्वेयर तक निकाले जाने वाले मार्च के रूप में हो सकती है. हालांकि इस समय ईरान में सुरक्षा के लिहाज से स्थिति ठीक नहीं है.

यहां हजारों-लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद  है और बड़े मंच से भाषण दिए जाएंगे. हाल के घटनाक्रमों के बीच ईरान में नेतृत्व परिवर्तन भी हुआ है. पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई के बाद उकने बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सर्वोच्च नेता माना जा रहा है. माना जाता है कि वे भी फिलिस्तीन के समर्थन और क़ुद्स की आजादी के विचार को ईरान की विदेश नीति के केंद्र में बनाए रखेंगे.

जानकारी के अनुसार, नया नेतृत्व इस बात का संकेत दे सकता है कि क़ुद्स डे और फिलिस्तीन के मुद्दे को आने वाले वर्षों में भी ईरान वैश्विक स्तर पर उठाता रहेगा. हर साल रमजान के आखिरी जुमे को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल क़ुद्स डे मनाया जाता है. इस दिन को 1979 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान के पहले सर्वोच्च नेता रुओल्लाह खौमेनी ने घोषित किया था. उनका उद्देश्य था कि दुनियाभर के मुसलमानों और न्यायप्रिय लोगों को फिलिस्तीन के मुद्दे पर एकजुट किया जाए और यरुशलम (अल-क़ुद्स) की आजादी के लिए वैश्विक आवाज उठाई जाए.

Advertisement

क़ुद्स डे सिर्फ एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं है, बल्कि इसे  वैश्विक एकजुटता का प्रतीक माना जाता है. ईरान में इस दिन लाखों लोग सड़कों पर उतरते हैं, रैलियां और मार्च निकाले जाते हैं और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए जाते हैं.

इंटरनेशनल क़ुद्स डे पिछले चार दशकों से फिलिस्तीन के समर्थन का एक वैश्विक प्रतीक बन चुका है. खुमैनी द्वारा शुरू किया गया यह आंदोलन आज ईरान की विदेश नीति और विचारधारा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है.

हर साल रमजान के आखिरी जुमे को मनाया जाने वाला यह दिन दुनिया को यह याद दिलाता है कि फिलिस्तीन का मुद्दा सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि ईरान के लिए दुनिया को दिया गया एक बड़ा संदेश होता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement