F-16 के साए में जेडी वेंस की एंट्री, पाकिस्तान में अमेरिकी उपराष्ट्रपति का एस्कॉर्ट VIDEO वायरल

इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अहम वार्ता से पहले जेडी वेंस का विमान पाकिस्तानी F-16 जेट्स की सुरक्षा में उतरा. सोशल मीडिया पर वेंस की एंट्री का वीडियो वायरल हो गया है. यह 1979 के बाद दोनों देशों के बीच सबसे अहम सीधी बातचीत मानी जा रही है.

Advertisement
F-16 फाइटर जेट्स ने जेडी वेंस के विमान को पाकिस्तानी एयरस्पेस में एस्कॉर्ट किया (Photo: Social Media) F-16 फाइटर जेट्स ने जेडी वेंस के विमान को पाकिस्तानी एयरस्पेस में एस्कॉर्ट किया (Photo: Social Media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 11 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:38 PM IST

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच एक बहुत बड़ी बातचीत शुरू हो गई है. यह 1979 के बाद दोनों देशों के बीच सबसे ऊंचे स्तर की सीधी बातचीत है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और खास दूत स्टीव विटकॉफ एक अमेरिकी वायुसेना के विमान में पाकिस्तान पहुंचे. 

1979 में ईरान में एक बड़ी क्रांति हुई थी जिसमें वहां की सरकार पलट गई और एक इस्लामिक गणराज्य बना. उसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच कोई सीधी आधिकारिक बात नहीं हुई. दोनों देश एक-दूसरे के दुश्मन की तरह रहे. इसलिए आज की यह बातचीत इतिहास में दर्ज होने वाली है.

Advertisement

वेंस का विमान कैसे आया?

जब यह विमान पाकिस्तान की हवाई सीमा में घुसा तो पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों ने इसे सुरक्षा घेरा देते हुए नूर खान एयरबेस तक पहुंचाया. यह एक खास और बड़ा इशारा था कि पाकिस्तान इस बातचीत को कितनी अहमियत दे रहा है.

ईरान की टीम में कौन है?

ईरान की तरफ से संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस बातचीत की अगुआई कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: ईरान-US में जंग रोकने पर बनेगी बात? ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के नए बयान से बढ़ी हलचल

पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस बातचीत में बीच का काम कर रहा है यानी दोनों देशों को एक जगह लाने में मदद की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों देशों से अपील की कि वो खुले दिल से बातचीत करें और एक टिकाऊ समाधान खोजें.

Advertisement

ईरान ने भरोसे पर क्या कहा?

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ ने ईरानी सरकारी मीडिया से कहा कि हमारी नीयत अच्छी है लेकिन हम अमेरिका पर भरोसा नहीं करते. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत का हमारा अनुभव हमेशा निराशाजनक रहा है और अमेरिका ने हर बार वादे तोड़े हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement