अमेरिका ने ईरान के गृह मंत्री समेत 6 अधिकारियों पर लगाया प्रतिबंध, प्रदर्शनकारियों की हत्या का ठहराया जिम्मेदार

ईरान में प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई को लेकर अमेरिका ने बड़ा कदम उठाते हुए कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी सहित छह अधिकारियों और विवादित बिजनेसमैन बाबक जंजानी को प्रतिबंधित कर दिया है.

Advertisement
अमेरिका नेशांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई के लिए 6 ईरानी अधिकारियों पर लगाया प्रतिबंध. (Photo: Reuters) अमेरिका नेशांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बर कार्रवाई के लिए 6 ईरानी अधिकारियों पर लगाया प्रतिबंध. (Photo: Reuters)

रोहित शर्मा

  • वॉशिंगटन,
  • 30 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:48 PM IST

अमेरिका ने ईरान में हालिया जनआंदोलनों के दौरान अपने ही नागरिकों पर किए गए क्रूर दमन के लिए जिम्मेदार ईरानी अधिकारियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका का आरोप है कि अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाला ईरान का इस्लामी शासन 47 वर्षों से जारी भीषण आर्थिक कुप्रबंधन के बावजूद जनता की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर रहा है. अमेरिका ने ईरान पर विदेशी आतंकी संगठनों की फंडिंग करने, उन्हें हथियार मुहैया कराने और परमाणु कार्यक्रमों पर भारी धन खर्च करने का आरोप लगाया है.

Advertisement

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (Office of Foreign Assets Control) ने शुक्रवार को छह ईरानी अधिकारियों को प्रतिबंध किया, जो प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करने वाली सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी करते हैं. इनमें ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी कलागरी भी शामिल हैं, जिनके अधीन इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की कानून प्रवर्तन एजेंसियां (LEF) काम करती हैं. अमेरिका के अनुसार, ईरान की सुरक्षा एजेंसियां हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं.

यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट में छिड़ने वाला है महायुद्ध? ट्रंप की धमकियों के बीच अब पलटवार को तैयार ईरान

इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के सबसे अमीर शख्स और विवादित बिजनेसमैन बाबक मोर्तजा जंजानी को भी प्रतिबंधित किया है. जंजानी पर ईरान के अरबों डॉलर के तेल राजस्व के गबन का आरोप है. अमेरिका का कहना है कि बाबक मोर्तजा जंजानी को इस्लामी शासन ने जेल से रिहा कर मनी लॉन्ड्रिंग के काम में लगाया है और उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता दी ​है. जंजानी को मार्च 2016 में निचली अदालत ने मनी लॉन्डरिंग और करप्शन के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था. 

Advertisement

हालांकि, 2021 में ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि कर्ज चुकाए जाने पर जंजानी की सजा कम कर दी जाएगी और गबन की गई धनराशि की वापसी तक उनकी सजा पर रोक लगा दी. तबसे वह जेल में बंद हैं. अमेरिका ने जंजानी से जुड़े दो डिजिटल एसेट एक्सचेंजों को भी प्रतिबंधित किया है, जिन पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े नेटवर्क के लिए बड़े पैमाने पर लेनदेन करने का आरोप है. यह ईरानी अर्थव्यवस्था के वित्तीय क्षेत्र में काम कर रहे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अमेरिका की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.

यह भी पढ़ें: 'मिसाइल डिफेंस पर कुछ भी नहीं सुनेंगे...', तुर्की में गरजा ईरान, अमेरिकी डिस्ट्रॉयर शिप इजरायल पहुंचा

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी जनता के साथ खड़े हैं और भ्रष्ट इस्लामी शासन व उसके सहयोगी नेटवर्क पर कार्रवाई जारी रहेगी. प्रतिबंधों के तहत नामित व्यक्तियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों के उल्लंघन पर अमेरिकी और विदेशी नागरिकों के खिलाफ सिविल और आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement