अमेरिका ने ईरान में हालिया जनआंदोलनों के दौरान अपने ही नागरिकों पर किए गए क्रूर दमन के लिए जिम्मेदार ईरानी अधिकारियों पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका का आरोप है कि अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाला ईरान का इस्लामी शासन 47 वर्षों से जारी भीषण आर्थिक कुप्रबंधन के बावजूद जनता की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर रहा है. अमेरिका ने ईरान पर विदेशी आतंकी संगठनों की फंडिंग करने, उन्हें हथियार मुहैया कराने और परमाणु कार्यक्रमों पर भारी धन खर्च करने का आरोप लगाया है.
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (Office of Foreign Assets Control) ने शुक्रवार को छह ईरानी अधिकारियों को प्रतिबंध किया, जो प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई करने वाली सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी करते हैं. इनमें ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी कलागरी भी शामिल हैं, जिनके अधीन इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की कानून प्रवर्तन एजेंसियां (LEF) काम करती हैं. अमेरिका के अनुसार, ईरान की सुरक्षा एजेंसियां हजारों शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं.
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इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के सबसे अमीर शख्स और विवादित बिजनेसमैन बाबक मोर्तजा जंजानी को भी प्रतिबंधित किया है. जंजानी पर ईरान के अरबों डॉलर के तेल राजस्व के गबन का आरोप है. अमेरिका का कहना है कि बाबक मोर्तजा जंजानी को इस्लामी शासन ने जेल से रिहा कर मनी लॉन्ड्रिंग के काम में लगाया है और उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स को वित्तीय सहायता दी है. जंजानी को मार्च 2016 में निचली अदालत ने मनी लॉन्डरिंग और करप्शन के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा था.
हालांकि, 2021 में ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि कर्ज चुकाए जाने पर जंजानी की सजा कम कर दी जाएगी और गबन की गई धनराशि की वापसी तक उनकी सजा पर रोक लगा दी. तबसे वह जेल में बंद हैं. अमेरिका ने जंजानी से जुड़े दो डिजिटल एसेट एक्सचेंजों को भी प्रतिबंधित किया है, जिन पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े नेटवर्क के लिए बड़े पैमाने पर लेनदेन करने का आरोप है. यह ईरानी अर्थव्यवस्था के वित्तीय क्षेत्र में काम कर रहे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अमेरिका की पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है.
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अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी जनता के साथ खड़े हैं और भ्रष्ट इस्लामी शासन व उसके सहयोगी नेटवर्क पर कार्रवाई जारी रहेगी. प्रतिबंधों के तहत नामित व्यक्तियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं की अमेरिका में मौजूद सभी संपत्तियां फ्रीज कर दी गई हैं. अमेरिका ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों के उल्लंघन पर अमेरिकी और विदेशी नागरिकों के खिलाफ सिविल और आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है.
रोहित शर्मा