आम का स्वाद चखा दुनिया को 'लुभाना' चाहता था पाकिस्तान, अमेरिका-चीन ने लेने से कर दिया इनकार

पाकिस्तान ने हाल ही में दुनिया के 32 देशों को 'मैंगो डिप्लोमेसी' के तहत आम भेजे थे, लेकिन इसमें से अमेरिका और चीन समेत कई अन्य देशों ने आम लेने से इनकार कर दिया. ऐसे में दूसरे देश को लुभाने की पाकिस्तान की यह कोशिश भी नाकाम हो गई है.

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अमेरिका-चीन ने पाक के आम को लेने से इनकार किया अमेरिका-चीन ने पाक के आम को लेने से इनकार किया

aajtak.in

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  • 13 जून 2021,
  • अपडेटेड 12:01 AM IST
  • पाकिस्तान ने 32 देशों को भेजे थे आम
  • अमेरिका-चीन ने लेने से किया इनकार

दुनियाभर में पाकिस्तान लगातार अपनी नापाक हरकतों के लिए जाना जाता रहा है. कभी वह भारत के खिलाफ आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश करता है तो कभी किसी अन्य देश के खिलाफ कोई षड्यंत्र बनाते हुए धरा जाता है.

शक्तिशाली देशों के सामने खराब हो चुकी इमेज को सुधारने के लिए पाकिस्तान अब दूसरे देशों को आम भेजकर 'लुभाने' की कोशिश कर रहा है. हालांकि, पाकिस्तान की यह मैंगो डिप्लोमेसी भी काम नहीं आ रही. 

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दरअसल, पाकिस्तान ने हाल ही में दुनिया के 32 देशों को 'मैंगो डिप्लोमेसी' के तहत आम भेजे थे, लेकिन इसमें से अमेरिका और चीन समेत कई अन्य देशों ने आम लेने से इनकार कर दिया.

एएनआई के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय (एफओ) ने बुधवार को फलों की पेटियां भेजी थीं, लेकिन अमेरिका और चीन जैसे देशों ने कोरोना वायरस नियमों का हवाला देते हुए उसे स्वीकार नहीं किया. पाकिस्तान के राष्ट्रपति डॉ. आरिफ अल्वी की ओर से 32 देशों के राष्ट्राध्यक्षों/सरकार के प्रमुखों को 'चौंसा' आम भेजे गए थे.

सूत्रों का कहना है कि ये आमों की पेटियां ईरान, गल्फ देशों, तुर्की, ब्रिटेन, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और रूस को भी भेजे जाएंगे. सूत्रों ने यह भी कहा कि एफओ ने आम भेजने वाली लिस्ट में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को भी शामिल किया था, लेकिन पेरिस ने पाकिस्तान को इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया.

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रिपोर्ट के अनुसार, जिन देशों ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति से गिफ्ट स्वीकार करने पर खेद व्यक्त किया है, उनमें कनाडा, नेपाल, मिस्र और श्रीलंका शामिल हैं. वहीं, पहले आम की किस्में 'अनवर रत्तोल' और 'सिंधारी' भी अन्य देशों को भेजे जाने वाली खेप का हिस्सा थीं, लेकिन इस बार दोनों को हटा दिया गया है. मालूम हो कि पिछले एक साल से अधिक समय से दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी की वजह से विभिन्न प्रकार की पाबंदियां लागू हैं. इन पाबंदियों का दूसरे देश से आने वाले गिफ्ट्स, सामान पर भी असर पड़ता है. 

वहीं,पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी का कहना है कि यह बातें तथ्यनात्मक तौर पर गलत और भ्रामक हैं. हम इसे खारिज करते हैं. भारतीय मीडिया के एक धड़े ने गलत जानकारी दिखाई है. हर साल पाकिस्तान के राष्ट्रपति बढ़िया हमारी व्यापार राजनयिकता को बढ़ाने के मकसद से भेजे जाते हैं. 

2019-20 में आम का निर्यात पिछले साल की तुलना में 78 मिलियन डॉलर से बढ़कर 104 मिलियन डॉलर हो गया है. पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय कोरोना काल के मद्देनजर और फ्लाइट्स की उपलब्धता को देखते हुए आम गिफ्ट किए जाने वाले देशों की लिस्ट तैयार करता है. इस साल अभी यह प्रक्रिया अभी प्लानिंग स्टेज में ही है. किसी देश को आम भेजे जाने का अभी कोई सवाल ही नहीं है.

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