ईरान के हमलों पर भड़का UAE... अरब-इस्लामिक देशों की चुप्पी पर उठाए सवाल

ईरान के लगातार हमलों के बीच UAE ने अरब और इस्लामिक देशों की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए हैं. राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गर्गाश ने कहा कि अरब लीग और OIC जैसे संगठन इस मुद्दे पर सक्रिय क्यों नहीं हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध के बाद खाड़ी में पश्चिमी मौजूदगी की आलोचना स्वीकार नहीं की जाएगी.

Advertisement
14 मार्च को UAE के फुजैराह स्थित एक तेल प्‍लांट में आग लग गई, जो एक ड्रोन के रोके जाने के बाद गिरे मलबे के बाद की तस्‍वीर है. ( Photo: AP) 14 मार्च को UAE के फुजैराह स्थित एक तेल प्‍लांट में आग लग गई, जो एक ड्रोन के रोके जाने के बाद गिरे मलबे के बाद की तस्‍वीर है. ( Photo: AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 23 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

मिडिल ईस्ट में जंग को 24 दिन हो गए हैं. ईरान की मिसाइलें और ड्रोन लगातार खाड़ी के देशों को निशाना बना रहे हैं. और इस पूरे वक्त में अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन दोनों चुप बैठे हैं.
इसी चुप्पी पर अब यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) का गुस्सा फूट पड़ा है.

UAE के राष्ट्रपति सलाहकार और पूर्व विदेश राज्य मंत्री अनवर गरगाश ने सोशल मीडिया पर एक तीखा बयान दिया. उन्होंने सीधे अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) का नाम लेते हुए पूछा, "ये संयुक्त अरब और इस्लामिक संगठन आखिर कहां हैं? ईरान खाड़ी के देशों पर लगातार हमले कर रहा है और ये संगठन मुंह सिले बैठे हैं."

Advertisement

यूएई को सबसे ज्यादा नुकसान

28 फरवरी से जब से यह जंग शुरू हुई है खाड़ी के देशों में यूएई को सबसे ज्यादा मार पड़ी है. ईरान की मिसाइलों और ड्रोन ने यूएई के अलग-अलग इलाकों को बार-बार निशाना बनाया है. यूएई की जमीन पर अमेरिकी सैन्य अड्डे भी हैं. अल-मिनहाद और अल-धफरा जिन पर भी हमले हुए हैं. यूएई के अमेरिका और इजरायल से करीबी रिश्ते हैं. इसीलिए ईरान उसे दुश्मन की तरह देखता है और बार-बार निशाना बनाता है.

यह भी पढ़ें: ‘जंग क्यों?’ अमेरिकी सीनेट में ट्रंप से सवाल... डेमोक्रेटिक नेता शूमर बोले- क्या है मकसद

सबसे कड़ी और सीधी बात

गरगाश ने जो आखिरी बात कही वो सबसे अहम है. उन्होंने साफ चेताया कि जंग खत्म होने के बाद यह "बिल्कुल मंजूर नहीं होगा" कि कोई यह कहे, "अमेरिका और पश्चिम की मौजूदगी खाड़ी में क्यों है? यहां विदेशी अड्डे क्यों हैं?"

Advertisement

उनका इशारा साफ था - जब खतरा था, जब ईरान हमले कर रहा था, तब अरब और इस्लामिक दुनिया कहीं नहीं दिखी. तो अब अमेरिकी मौजूदगी पर सवाल उठाने का हक किसी को नहीं है.

असली बात क्या है?

यह बयान बताता है कि खाड़ी के देशों में कितनी बेचैनी है. एक तरफ ईरान के हमले. दूसरी तरफ अरब दुनिया की चुप्पी. और तीसरी तरफ अमेरिका और इजरायल का साथ जिसकी वजह से यूएई खुद निशाने पर है.

यूएई एक अजीब स्थिति में फंसा है. न वो पीछे हट सकता है, न आगे बढ़ सकता है. और जो संगठन उसे सहारा देने चाहिए थे वो मूकदर्शक बने हुए हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement