मिडिल ईस्ट में जंग को 24 दिन हो गए हैं. ईरान की मिसाइलें और ड्रोन लगातार खाड़ी के देशों को निशाना बना रहे हैं. और इस पूरे वक्त में अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन दोनों चुप बैठे हैं.
इसी चुप्पी पर अब यूनाइटेड अरब अमीरात (यूएई) का गुस्सा फूट पड़ा है.
UAE के राष्ट्रपति सलाहकार और पूर्व विदेश राज्य मंत्री अनवर गरगाश ने सोशल मीडिया पर एक तीखा बयान दिया. उन्होंने सीधे अरब लीग और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) का नाम लेते हुए पूछा, "ये संयुक्त अरब और इस्लामिक संगठन आखिर कहां हैं? ईरान खाड़ी के देशों पर लगातार हमले कर रहा है और ये संगठन मुंह सिले बैठे हैं."
यूएई को सबसे ज्यादा नुकसान
28 फरवरी से जब से यह जंग शुरू हुई है खाड़ी के देशों में यूएई को सबसे ज्यादा मार पड़ी है. ईरान की मिसाइलों और ड्रोन ने यूएई के अलग-अलग इलाकों को बार-बार निशाना बनाया है. यूएई की जमीन पर अमेरिकी सैन्य अड्डे भी हैं. अल-मिनहाद और अल-धफरा जिन पर भी हमले हुए हैं. यूएई के अमेरिका और इजरायल से करीबी रिश्ते हैं. इसीलिए ईरान उसे दुश्मन की तरह देखता है और बार-बार निशाना बनाता है.
यह भी पढ़ें: ‘जंग क्यों?’ अमेरिकी सीनेट में ट्रंप से सवाल... डेमोक्रेटिक नेता शूमर बोले- क्या है मकसद
सबसे कड़ी और सीधी बात
गरगाश ने जो आखिरी बात कही वो सबसे अहम है. उन्होंने साफ चेताया कि जंग खत्म होने के बाद यह "बिल्कुल मंजूर नहीं होगा" कि कोई यह कहे, "अमेरिका और पश्चिम की मौजूदगी खाड़ी में क्यों है? यहां विदेशी अड्डे क्यों हैं?"
उनका इशारा साफ था - जब खतरा था, जब ईरान हमले कर रहा था, तब अरब और इस्लामिक दुनिया कहीं नहीं दिखी. तो अब अमेरिकी मौजूदगी पर सवाल उठाने का हक किसी को नहीं है.
असली बात क्या है?
यह बयान बताता है कि खाड़ी के देशों में कितनी बेचैनी है. एक तरफ ईरान के हमले. दूसरी तरफ अरब दुनिया की चुप्पी. और तीसरी तरफ अमेरिका और इजरायल का साथ जिसकी वजह से यूएई खुद निशाने पर है.
यूएई एक अजीब स्थिति में फंसा है. न वो पीछे हट सकता है, न आगे बढ़ सकता है. और जो संगठन उसे सहारा देने चाहिए थे वो मूकदर्शक बने हुए हैं.
aajtak.in