'अगले एक हफ्ते में ईरान...', रूसी तेल पर छूट के ठीक बाद ट्रंप ने दी बड़ी धमकी!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले एक हफ्ते में ईरान पर बड़े हमले की धमकी दी है. इससे पहले उन्होंने रूसी तेल की खरीद पर 30 दिनों की आंशिक छूट दी है ताकि बढ़ती तेल कीमतों को नियंत्रित किया जा सके. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर रखा है जिससे तेल की कीमतें बढ़ रही है और ट्रंप की झुंझलाहट भी.

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ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दी है (File Photo) ट्रंप ने ईरान को बड़ी धमकी दी है (File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:37 PM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अगले एक हफ्ते में ईरान पर 'बहुत बड़े हमले' करेगा. यह बयान उस समय आया जब उन्होंने प्रतिबंधित रूसी तेल की खरीद पर आंशिक 30 दिनों की छूट दी है ताकि अमेरिका-इजरायल की ईरान के साथ चल रही जंग से बढ़ी तेल कीमतों को कुछ हद तक काबू में किया जा सके.

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ट्रंप के बयानों के कारण तेल बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. युद्ध को लेकर उनके अलग-अलग बयानों से कीमतें प्रभावित हो रही हैं. इस संघर्ष के चलते ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमले किए हैं. यह वही समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का तेल गुजरता है.

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से ट्रंप काफी गुस्से में हैं और वो इसे बलपूर्वक खुलवाने की बात कह चुके हैं. हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद, इस स्ट्रेट पर ट्रंप की एक नहीं चल रही.

होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को सुरक्षा का ट्रंप का वादा

ट्रंप पहले कह चुके हैं कि युद्ध 'लगभग खत्म' हो चुका है और उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा की गारंटी देने का भी वादा किया था. अमेरिका स्थित फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका वहां जहाजों को सैन्य सुरक्षा देगा.

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रूसी तेल पर छूट को लेकर ट्रंप की घोषणा के बाद यूरोपीय कारोबार के दौरान वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1% गिरकर करीब 99.50 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है. हालांकि युद्ध शुरू होने के बाद से इस कच्चे तेल की कीमत लगभग 40% बढ़ चुकी है. इस बीच यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

मध्य-पूर्व में लगभग दो हफ्तों से जारी युद्ध में करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें ज्यादातर लोग ईरान में मारे गए हैं, लेकिन लेबनान और खाड़ी देशों में भी मौतों की संख्या बढ़ रही है. 

अमेरिकी सेना को भी नुकसान उठाना पड़ा है. अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए एक ईंधन भरने वाले सैन्य विमान के छह क्रू सदस्यों में से चार की मौत हो गई.

ईरान ने दागी मिसाइलें तो इजरायल ने तेहरान को बनाया निशाना

इस बीच, ईरान ने इजरायल पर शुक्रवार को मिसाइलें व ड्रोन दागे हैं. इजरायली सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान के कई हिस्सों पर हमले किए और लेबनान में ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया.

ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने बताया कि तेहरान में कुद्स (यरुशलम) दिवस की रैली के पास हुए एक हवाई हमले में एक महिला की मौत हो गई. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस रैली में राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अरागची भी मौजूद थे.

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इजरायल की सेना ने कहा है कि उसकी वायुसेना ने पिछले 24 घंटों में पश्चिमी और मध्य ईरान में 200 से ज्यादा टार्गेट्स पर हमले किए हैं. इनमें बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर, एयर डिफेंस सिस्टम और हथियार उत्पादन केंद्र शामिल थे.

इस युद्ध की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. इस कारण गुरुवार को तेल की कीमतें करीब 9% बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जिससे अमेरिकी शेयर बाजारों पर भी दबाव पड़ा.

अमेरिका और दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को 30 दिनों की छूट जारी की, जिसके तहत समुद्र में मौजूद रूसी तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को दुनिया के देश खरीद सकते हैं. 

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